बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने दक्षिण भारत के राज्यों की एकजुटता को देश की आर्थिक प्रगति के लिए बेहद जरूरी बताया है। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाना चाहते हैं तो इसके लिए दक्षिण भारत के राज्यों का साथ मिलकर आगे बढ़ना महत्वपूर्ण होगा।

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में तमिलनाडु के महाबलीपुरम में होने वाली दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में शामिल होंगे। बैठक से पहले उन्होंने विधानसभा में दक्षिण भारत की क्षमता और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत पर अपनी बात रखी।

उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत के राज्यों के पास प्रतिभा, संसाधन और विकास की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के राज्यों को मिलकर काम करना चाहिए, जिससे देश की आर्थिक प्रगति को और गति मिल सके।

डीके शिवकुमार ने विधानसभा में कहा कि दक्षिण भारत के राज्यों के पास जो हुनर और क्षमता है, वह असाधारण है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक सहित दक्षिणी राज्यों की भूमिका भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मैसूर आए थे, तब उन्होंने राज्य के हितों और विकास से जुड़े कई मुद्दों पर उनका ध्यान आकर्षित कराया था। उन्होंने प्रधानमंत्री को राज्य की ऐतिहासिक उपलब्धियों और यहां मौजूद प्रतिभाशाली मानव संसाधन की क्षमता के बारे में जानकारी दी थी।

उन्होंने कहा कि कर्नाटक खासकर बेंगलुरु देश के प्रमुख तकनीकी केंद्रों में शामिल है। बेंगलुरु की आईटी क्षेत्र में मजबूत पहचान है और यहां बड़ी संख्या में तकनीकी विशेषज्ञ काम कर रहे हैं।

डीके शिवकुमार ने बताया कि बेंगलुरु में करीब 26 लाख आईटी पेशेवर हैं। इसके अलावा शहर में लगभग 2 लाख विदेशी पासपोर्ट धारक भी रहते हैं। उन्होंने कहा कि यह आंकड़े बेंगलुरु की वैश्विक पहचान और क्षमता को दर्शाते हैं।

उन्होंने कहा कि कर्नाटक में मौजूद प्रतिभा और नवाचार की क्षमता का उपयोग देश की आर्थिक वृद्धि के लिए किया जा सकता है। उन्होंने दक्षिण भारतीय राज्यों के बीच सहयोग और बेहतर तालमेल को समय की जरूरत बताया।

दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में राज्यों के बीच विकास, सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और आपसी समन्वय से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इस बैठक में दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यों के बीच बेहतर सहयोग से कई बड़ी चुनौतियों का समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने विकास के लिए साझा रणनीति और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।

दक्षिण भारत के राज्य देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और केरल जैसे राज्य आईटी, उद्योग, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में मजबूत स्थिति रखते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिणी राज्यों की आर्थिक क्षमता का बेहतर उपयोग राष्ट्रीय विकास को नई दिशा दे सकता है। क्षेत्रीय परिषद जैसी बैठकों के माध्यम से राज्यों और केंद्र के बीच संवाद को मजबूत करने का प्रयास किया जाता है।

डीके शिवकुमार का यह बयान ऐसे समय आया है, जब केंद्र और राज्यों के बीच विकास और संसाधनों के बेहतर उपयोग को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। उन्होंने दक्षिण भारत की ताकत को देश की प्रगति से जोड़ते हुए राज्यों की एकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत के राज्यों को अपनी क्षमताओं का उपयोग करते हुए देश के आर्थिक विकास में योगदान देना चाहिए। उनका कहना है कि सामूहिक प्रयासों से भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत आर्थिक शक्ति बनाया जा सकता है।

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