Bengaluru, बेंगलुरु : कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास तक जाने वाली सड़क में भी गड्ढे हैं, उनके राज्य में इस मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि समन्वित प्रयासों से बेंगलुरु में हर दिन लगभग 1,000 गड्ढे भरे जा रहे हैं । उनकी यह टिप्पणी कुछ उद्योगपतियों द्वारा शहर में गड्ढों को लेकर चिंता व्यक्त करने के बाद आई है। हाल ही में, केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने बेंगलुरु को "गड्ढों का शहर" कहा था।
"उद्देश्यपूर्ण सुनना। प्रभावपूर्ण कार्य करना। हर दिन, समन्वित प्रयासों से बेंगलुरु में लगभग 1,000 गड्ढे भरे जा रहे हैं । हमारे कार्यकर्ता और इंजीनियर सभी क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर मौजूद हैं, और मरम्मत में गति और गुणवत्ता सुनिश्चित कर रहे हैं। यह व्यापक अभियान लंबे समय से लंबित नागरिक समस्याओं के समाधान के लिए हमारी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है," शिवकुमार ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा।
शिवकुमार ने कहा कि गड्ढे पूरे देश में एक समस्या हैं।
शिवकुमार ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "मैंने एक दिन पहले ही दिल्ली का दौरा किया। मीडिया को इसकी समीक्षा करनी चाहिए और रिपोर्ट करनी चाहिए कि दिल्ली की सड़कों पर कितने गड्ढे हैं, जिसमें प्रधानमंत्री आवास की सड़क भी शामिल है। गड्ढे पूरे देश की समस्या हैं। केवल कर्नाटक के मुद्दों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।"
उन्होंने कहा, "मैं बेंगलुरू के बड़े कारोबारियों सहित सभी को बताना चाहूंगा कि हम गड्ढे भरने का अपना काम कर रहे हैं।"
उन्होंने बेंगलुरू में गड्ढों की समस्या के लिए राज्य की पिछली भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया ।
उन्होंने कहा, "अगर भाजपा के शासनकाल में सड़कों का रखरखाव ठीक से किया गया होता, तो हम इस स्थिति में नहीं पहुंचते। उन्होंने गड्ढों को भरने के लिए कुछ भी करने की जहमत नहीं उठाई, लेकिन अब चुनाव नजदीक आते ही वे इस मुद्दे को उठा रहे हैं।"
गड्ढों का मुद्दा उठाते हुए केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा था कि बेंगलुरु की प्रतिष्ठा को गहरा धक्का लगा है।
कुमारस्वामी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "यह दुखद है कि बेंगलुरु अब ' गड्ढों के शहर ' के रूप में बदनाम हो रहा है। इस कलंक के लिए मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ज़िम्मेदार हैं। आज बेंगलुरु और कर्नाटक अक्षम और भ्रष्ट लोगों के हाथों में फंस गए हैं।"
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवकुमार ने कहा, "केंद्रीय मंत्री के तौर पर कुमारस्वामी का बेंगलुरु में क्या योगदान है? यूपीए सरकार ने जवाहरलाल नेहरू शहरी नवीकरण मिशन के तहत बेंगलुरु को काफ़ी धनराशि दी थी । वह प्रधानमंत्री के दाहिने हाथ हैं। वह बेंगलुरु शहर के लिए 10,000 करोड़ रुपये क्यों नहीं ला सकते? उन्होंने कहा था कि वह मेकेदातु परियोजना के लिए 5 मिनट में मंज़ूरी दिला देंगे। उसका क्या हुआ?"
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