चित्रदुर्ग : पूर्व राज्यसभा सदस्य एच. हनुमंथप्पा को सोमवार को अंतिम श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने उन्हें याद करते हुए कहा कि हनुमंथप्पा का राजनीतिक योगदान हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि भले ही आज हनुमंथप्पा हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार, सिद्धांत और आदर्श हमेशा जीवित रहेंगे।
चित्रदुर्ग के मुरुगराजेंद्र स्टेडियम में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवकुमार समेत कई नेताओं और गणमान्य लोगों ने पहुंचकर पूर्व सांसद को अंतिम विदाई दी। श्रद्धांजलि देने के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत की और हनुमंथप्पा के साथ अपने पुराने संबंधों को याद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एच. हनुमंथप्पा ने राज्यसभा सदस्य के रूप में तीन बार सफलतापूर्वक अपनी जिम्मेदारी निभाई। वह देश की प्रमुख राजनीतिक हस्तियों में शामिल इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और सोनिया गांधी के करीबी सहयोगी रहे। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी राजनीतिक समझ और अनुभव के जरिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।
डीके शिवकुमार ने कहा कि हनुमंथप्पा केवल एक नेता नहीं थे, बल्कि वे एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाते थे। उन्होंने कहा कि उनके जैसे अनुभवी नेताओं का जाना राजनीति और समाज के लिए बड़ी क्षति है।
मुख्यमंत्री ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि उनका हनुमंथप्पा से रिश्ता कई दशकों पुराना था। उन्होंने कहा, "1979-80 से मेरा उनसे करीबी रिश्ता था। जब मैं छात्र नेता था, तब हम पड़ोसी थे। उनका निधन उन सभी लोगों के लिए बेहद दुखद है, जो उनके साथ राजनीतिक जीवन में आगे बढ़े।"
उन्होंने कहा कि हनुमंथप्पा ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में हमेशा मूल्यों और सिद्धांतों को महत्व दिया। उनके काम करने का तरीका और लोगों के प्रति उनका व्यवहार आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
एच. हनुमंथप्पा का नाम कर्नाटक की राजनीति में एक अनुभवी और प्रभावशाली नेता के रूप में लिया जाता था। राज्यसभा में रहते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी और राष्ट्रीय स्तर पर कर्नाटक का प्रतिनिधित्व किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हनुमंथप्पा ने राजनीति को केवल सत्ता प्राप्त करने का माध्यम नहीं माना, बल्कि इसे समाज सेवा का जरिया बनाया। उन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में लोगों के हितों को प्राथमिकता दी।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने भी हनुमंथप्पा के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि उनका व्यक्तित्व सरल, व्यवहारिक और लोगों से जुड़ा हुआ था। वे संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत संबंध बनाए रखने के लिए जाने जाते थे।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, हनुमंथप्पा ने ऐसे समय में राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई जब देश में बड़े राजनीतिक बदलाव हो रहे थे। उन्होंने केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर राजनीतिक गतिविधियों को करीब से देखा और अपनी भूमिका निभाई।
उनके निधन से कर्नाटक कांग्रेस समेत राजनीतिक जगत में शोक की लहर है। कई नेताओं ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों के माध्यम से उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा कि हनुमंथप्पा की सोच और उनके द्वारा स्थापित राजनीतिक परंपराएं आगे भी लोगों को प्रेरित करती रहेंगी। उन्होंने कहा कि समाज और राजनीति में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
श्रद्धांजलि सभा के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक, पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों से पूर्व सांसद को अंतिम विदाई दी और उनके योगदान को याद किया।
एच. हनुमंथप्पा का राजनीतिक सफर कई दशकों तक चला। उन्होंने अपने अनुभव और नेतृत्व क्षमता से राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। मुख्यमंत्री के शब्दों में, उनका जाना एक युग का अंत है, लेकिन उनके विचार और आदर्श हमेशा समाज को दिशा देते रहेंगे।