Bengaluru बेंगलुरु। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व में आज मुख्यमंत्री आवास पर सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य राज्य में सामाजिक और आर्थिक विकास की वर्तमान स्थिति का आकलन करना और भविष्य की नीतियों एवं योजनाओं को सुदृढ़ करना था। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने सर्वेक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह राज्य सरकार को समाज के विभिन्न वर्गों की समस्याओं और आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि सामाजिक और आर्थिक डेटा का सटीक संग्रह नीति निर्माण और योजनाओं की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सिद्धारमैया ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण की प्रगति को समय पर पूरा करें और आंकड़ों की गुणवत्ता सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि इस सर्वेक्षण से प्राप्त आंकड़े राज्य में गरीबी, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और अन्य सामाजिक क्षेत्रों में सुधार के लिए उपयोग किए जाएंगे। बैठक में प्रत्येक विभाग ने अपने-अपने क्षेत्र में सर्वेक्षण की वर्तमान स्थिति और आने वाली चुनौतियों पर रिपोर्ट प्रस्तुत की। अधिकारियों ने बताया कि सर्वेक्षण प्रक्रिया में कई क्षेत्रों में तेजी आई है, लेकिन कुछ ग्रामीण और दूरदराज़ इलाकों में डेटा संग्रह में चुनौतियाँ अभी भी हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आश्वासन दिया कि उन्हें आवश्यक संसाधन और सहयोग प्रदान किया जाएगा ताकि सर्वेक्षण समय पर और सटीक रूप से पूरा हो सके।
सिद्धारमैया ने कहा कि सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह राज्य की नीति निर्धारण प्रक्रिया में मार्गदर्शक का काम करता है। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण के निष्कर्षों के आधार पर राज्य सरकार नई योजनाएँ और कार्यक्रम लागू करेगी जो लोगों की वास्तविक समस्याओं का समाधान करेंगे। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि उन्हें सर्वेक्षण में पारदर्शिता बनाए रखनी होगी और किसी भी प्रकार की त्रुटि या विलंब को तुरंत दूर किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यह सर्वेक्षण जनता के विश्वास और सरकार की जिम्मेदारी का प्रतीक है।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को धन्यवाद दिया और कहा कि राज्य की सामाजिक और आर्थिक प्रगति में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि सभी वर्गों को विकास की समान रूप से हिस्सेदारी मिले और समाज के कमजोर वर्गों को विशेष ध्यान दिया जाए। इस समीक्षा बैठक से यह स्पष्ट हुआ कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण को गंभीरता से लिया है और इसे राज्य की विकास योजनाओं का मुख्य आधार बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
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