BJP का 10 दिवसीय बेल्लारी चलो मार्च समाप्त कांग्रेस सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
कर्नाटक : कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार और विकास कार्यों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी की राज्य इकाई द्वारा आयोजित दस दिवसीय ‘बेल्लारी चलो’ मार्च गुरुवार को समाप्त हो गया। मार्च के समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार की नीतियों और कामकाज पर सवाल उठाए। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार के कार्यकाल में विकास की गति धीमी हो गई है और ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी जरूरतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं लेकिन सरकार जनता से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं दे रही है। भाजपा का यह मार्च इन्हीं मुद्दों को आम लोगों के बीच ले जाने और सरकार से जवाब मांगने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
विजयेंद्र ने अपने संबोधन में राज्य के विकास की स्थिति को लेकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की गति धीमी पड़ गई है। शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी सड़क, परिवहन और दूसरी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं। सरकार इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध नहीं करा रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने विशेष रूप से ग्रामीण सड़कों की खराब स्थिति का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोगों को क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण प्रतिदिन गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई ग्रामीण मार्गों पर बड़े गड्ढे हैं जबकि कुछ स्थानों पर लंबे समय से मरम्मत का काम नहीं हुआ है। इससे लोगों की आवाजाही प्रभावित होने के साथ आर्थिक गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है।
विजयेंद्र ने राज्य के सभी 224 विधानसभा क्षेत्रों में ग्रामीण सड़कों के विकास के लिए धन जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सड़कों की मरम्मत और निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाने चाहिए। उनके मुताबिक पर्याप्त बजट जारी होने से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क मजबूत होगा और लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सकेगी।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं हैं बल्कि गांवों के आर्थिक और सामाजिक विकास का महत्वपूर्ण आधार भी हैं। अच्छी सड़क होने से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होती है। विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज जाने और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में कम समय लगता है। सड़क खराब होने पर इन सभी आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच प्रभावित होती है।
विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने ग्रामीण इलाकों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है। सरकार का ध्यान कुछ चुनिंदा शहरों और राजनीतिक घोषणाओं तक सीमित होकर रह गया है। उन्होंने कहा कि गांवों में रहने वाले लोगों को भी गुणवत्तापूर्ण सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और सार्वजनिक परिवहन जैसी सुविधाएं प्राप्त करने का अधिकार है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की कमी का सबसे ज्यादा असर किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों पर पड़ रहा है। खराब सड़कों के कारण कृषि उत्पादों के परिवहन की लागत बढ़ती है। बरसात में कई मार्गों की हालत और खराब हो जाती है। कुछ इलाकों में सड़क संपर्क बाधित होने से गांवों तक आवश्यक वस्तुएं पहुंचाने में भी मुश्किल होती है।
पार्टी की ओर से आयोजित दस दिवसीय ‘बेल्लारी चलो’ मार्च के दौरान भ्रष्टाचार, विकास, ग्रामीण समस्याओं और सरकार की नीतियों से जुड़े मुद्दे उठाए गए। भाजपा ने मार्च के माध्यम से राज्य सरकार के खिलाफ राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयास किया। अलग-अलग स्थानों से गुजरते हुए पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लोगों से संपर्क किया और सरकार पर लगाए गए आरोपों को उनके बीच रखा।
मार्च के समापन समारोह में भाजपा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के बीच विजयेंद्र ने संगठन को मजबूत करने का संदेश भी दिया। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे राज्य सरकार की कथित विफलताओं को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाएं। जनता से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन जारी रखने और सरकार से जवाब मांगने की बात भी कही गई।
भाजपा का आरोप है कि राज्य सरकार की प्राथमिकता में ग्रामीण विकास को वह स्थान नहीं मिल रहा है जिसकी आवश्यकता है। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि सड़क निर्माण और मरम्मत के लिए पर्याप्त धन नहीं मिलने के कारण अनेक परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं। भाजपा ने सरकार से इस विषय में स्पष्ट वित्तीय योजना पेश करने की मांग की है।
हालांकि भाजपा की ओर से लगाए गए आरोप राजनीतिक हैं और इन पर कांग्रेस सरकार की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने के बाद उसका पक्ष भी स्पष्ट होगा। सरकार पहले भी विभिन्न मंचों पर विकास और कल्याणकारी योजनाओं को अपनी प्राथमिकता बताती रही है। ऐसे में ग्रामीण सड़कों के लिए धन जारी करने की भाजपा की मांग पर सरकार क्या फैसला करती है इस पर सभी की नजर रहेगी।
सभी 224 विधानसभा क्षेत्रों के लिए 200 करोड़ रुपये जारी करने की मांग बड़े बजटीय प्रावधान से जुड़ी है। यदि भाजपा की मांग प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए अलग-अलग 200 करोड़ रुपये देने की है तो सरकार को इसके वित्तीय प्रभावों का व्यापक आकलन करना होगा। धन जारी होने की स्थिति में निर्माण कार्यों की प्राथमिकता और पारदर्शी निगरानी की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी।
राज्य में ग्रामीण सड़क विकास का मुद्दा आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बन सकता है। भाजपा इसे कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनांदोलन का रूप देने की कोशिश कर रही है। वहीं सत्तारूढ़ दल से अपेक्षा की जाएगी कि वह विकास कार्यों की स्थिति और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए किए गए बजट प्रावधानों की जानकारी जनता के सामने रखे।
दस दिवसीय ‘बेल्लारी चलो’ मार्च भले ही समाप्त हो गया हो लेकिन भाजपा ने संकेत दिया है कि भ्रष्टाचार और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर उसका अभियान जारी रहेगा। समापन समारोह में विजयेंद्र के तेवर से साफ है कि पार्टी आने वाले समय में कांग्रेस सरकार के खिलाफ अपना विरोध और तेज कर सकती है। फिलहाल ग्रामीण सड़कों के लिए 200 करोड़ रुपये जारी करने की मांग ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।