बैंगलोर: BWSSB ने AI और रोबोटिक्स से पानी की चोरी रोकने का प्रोजेक्ट शुरू
Karnataka कर्नाटक: शहर में पानी की सप्लाई और सीवरेज के क्षेत्र में सुधार के लिए बैंगलोर वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड (BWSSB) ने नवीनतम टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। बोर्ड ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स और रोबोटिक इंस्पेक्शन टेक्नोलॉजी का उपयोग कर पानी के डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में होने वाले लीकेज और नुकसान का पता लगाने के लिए एक बड़ा प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना बनाई है।
BWSSB के प्रेसिडेंट राम प्रसाद मनोहर ने कहा कि शहर के अलग-अलग हिस्सों में पानी की चोरी और गैर-कानूनी कनेक्शन की समस्या काफी गंभीर है। इस समस्या का समाधान करने के लिए बोर्ड ने दो स्टार्टअप्स – स्मार्टटेरा और सोलिनास – के साथ मिलकर एक जॉइंट पायलट स्टडी लागू करने का निर्णय लिया है।
इस स्टडी का मकसद पानी के नॉन-रेवेन्यू वाटर (NRW) के नुकसान को कम करना और वितरण नेटवर्क में लीकेज की पहचान करना है। BWSSB के अधिकारियों के अनुसार, पायलट प्रोजेक्ट के तहत AI और प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स का इस्तेमाल कर यह पता लगाया जाएगा कि किस इलाके में पानी अधिक चोरी हो रहा है और किस कनेक्शन से नुकसान हो रहा है।
प्रोजेक्ट में रोबोटिक इंस्पेक्शन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल पानी की पाइपलाइन में लीकेज और दोष वाले हिस्सों की जांच करने के लिए किया जाएगा। इसके अलावा, डेटा एनालिटिक्स की मदद से यह पता लगाया जाएगा कि कौन से क्षेत्र में पानी के गुम होने की दर सबसे ज्यादा है और कहाँ गैर-कानूनी कनेक्शन की अधिक संभावना है।
राम प्रसाद मनोहर ने बताया कि स्टार्टअप्स स्मार्टटेरा और सोलिनास इस पायलट स्टडी में तकनीकी सपोर्ट देंगे और उनके-developed टूल्स और प्लेटफॉर्म्स के जरिए पानी की सप्लाई की मॉनिटरिंग और लीकेज की पहचान अधिक प्रभावी तरीके से की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह कदम शहर के पानी के सिस्टम में ट्रांसपेरेंसी और एफिशिएंसी बढ़ाने में मदद करेगा।
BWSSB के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के सफल होने के बाद इसे पूरे शहर में लागू किया जाएगा। इससे न केवल लीकेज और चोरी की समस्या कम होगी, बल्कि जल आपूर्ति की गुणवत्ता और उपलब्धता भी बेहतर होगी। बोर्ड का अनुमान है कि इससे पानी के नुकसान को 20 से 30 प्रतिशत तक कम किया जा सकेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि स्मार्ट वाटर मैनेजमेंट तकनीक और AI आधारित एनालिटिक्स शहरों में पानी के प्रबंधन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। BWSSB के इस कदम को शहर में जल संरक्षण और संसाधनों के कुशल प्रबंधन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।