स्टार होटलों के बाद इंदिरा कैंटीन की रसोई पर भी खाद्य सुरक्षा विभाग की नजर
बेंगलुरु। शहर में खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई के मानकों को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के बीच अब सरकारी इंदिरा कैंटीन भी खाद्य सुरक्षा विभाग के निरीक्षण के दायरे में आ गई हैं। मंगलवार को फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के अधिकारियों ने बेंगलुरु के दो इंदिरा कैंटीन की रसोई का निरीक्षण किया। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब विभाग पिछले कुछ दिनों से शहर के कई नामी रेस्टोरेंट और स्टार होटलों में खाने की गुणवत्ता तथा स्वच्छता की जांच कर रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि बेंगलुरु साउथ के गोट्टिगेरे और बेंगलुरु नॉर्थ के लिंगराजपुरा स्थित इंदिरा गांधी कैंटीन की रसोई में जांच की गई। इस दौरान अधिकारियों ने भोजन तैयार करने की प्रक्रिया, रसोई की साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के रखरखाव और खाद्य सुरक्षा से जुड़े जरूरी मानकों का जायजा लिया।
स्टार होटलों के बाद सरकारी कैंटीन की बारी
बेंगलुरु में खाद्य सुरक्षा विभाग ने हाल के दिनों में कई बड़े होटल और रेस्टोरेंट के खिलाफ कार्रवाई की है। विभाग की टीमें विशेष अभियान के तहत थ्री-स्टार और फाइव-स्टार होटलों समेत शहर के कई प्रतिष्ठित खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रही हैं।
इन निरीक्षणों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोगों को परोसा जाने वाला भोजन सुरक्षित हो और खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा हो। इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए अब कम कीमत पर भोजन उपलब्ध कराने वाली सरकारी इंदिरा कैंटीन की रसोई की भी जांच की जा रही है।
इंदिरा कैंटीन में रोजाना बड़ी संख्या में लोग भोजन करते हैं। ऐसे में यहां भोजन की गुणवत्ता और रसोई की स्वच्छता को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही से बड़ी संख्या में लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। यही वजह है कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने सरकारी कैंटीनों को भी जांच के दायरे में रखा है।
क्या है इंदिरा कैंटीन योजना?
इंदिरा कैंटीन कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं में से एक रही है। इस योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के पिछले कार्यकाल के दौरान की गई थी।
योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में गरीब, मजदूर, छात्र, कामकाजी लोगों और जरूरतमंदों को कम कीमत पर भोजन उपलब्ध कराना था। इंदिरा कैंटीन के माध्यम से लोगों को सस्ती दरों पर नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात का खाना उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई।
कम कीमत में भोजन उपलब्ध होने के कारण इंदिरा कैंटीन लंबे समय से शहर के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए महत्वपूर्ण रही हैं। ऐसे में इन कैंटीन की रसोई में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता बनाए रखना विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।
रसोई में किन पहलुओं की हुई जांच?
अधिकारियों ने गोट्टिगेरे और लिंगराजपुरा की कैंटीन रसोई का निरीक्षण करते हुए खाद्य पदार्थों के रखरखाव और भोजन तैयार करने की व्यवस्था का जायजा लिया। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों का ध्यान इस बात पर रहता है कि कच्चे और तैयार भोजन को सुरक्षित तरीके से रखा जा रहा है या नहीं।
इसके अलावा रसोई में इस्तेमाल होने वाले पानी, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, बर्तनों की सफाई, कर्मचारियों की स्वच्छता और भोजन तैयार करने वाली जगह की स्थिति जैसे पहलुओं की भी जांच की जाती है।
खाद्य पदार्थों को निर्धारित तापमान और सुरक्षित परिस्थितियों में रखने की व्यवस्था भी खाद्य सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि भोजन या कच्ची सामग्री को गलत तरीके से रखा जाए तो उसमें बैक्टीरिया या अन्य हानिकारक तत्व पनप सकते हैं।
साफ-सफाई पर विशेष जोर
बेंगलुरु जैसे बड़े शहर में रोजाना हजारों लोग होटल, रेस्टोरेंट, कैंटीन और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में भोजन करते हैं। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि केवल महंगे होटल और बड़े रेस्टोरेंट ही नहीं, बल्कि हर उस जगह पर खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी है जहां लोगों को भोजन परोसा जाता है। इसी वजह से सरकारी कैंटीन भी जांच से बाहर नहीं हैं।
इंदिरा कैंटीन में भोजन बेहद कम कीमत पर उपलब्ध कराया जाता है। कम कीमत का मतलब यह नहीं है कि खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के मानकों में किसी तरह की कमी स्वीकार की जाए। लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलना जरूरी है।
शहरभर में चल रहा विशेष निरीक्षण अभियान
खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से बेंगलुरु में इन दिनों विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। विभाग की टीमें अलग-अलग इलाकों में स्थित खाद्य प्रतिष्ठानों का दौरा कर रही हैं।
थ्री-स्टार और फाइव-स्टार होटलों के साथ-साथ अन्य रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों में भी खाद्य सुरक्षा कानूनों के अनुपालन की जांच की जा रही है। अधिकारियों की नजर विशेष रूप से रसोई की साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उन्हें सुरक्षित रखने की प्रक्रिया पर है।
हाल के निरीक्षणों में जहां भी नियमों के उल्लंघन की जानकारी सामने आई, वहां विभाग ने कार्रवाई की है। इसी अभियान के तहत मंगलवार को इंदिरा कैंटीन की रसोई का निरीक्षण किया गया।
सरकारी योजना होने से नियमों में छूट नहीं
इंदिरा कैंटीन सरकार की कल्याणकारी योजना है, लेकिन खाद्य सुरक्षा के मामले में इसे नियमों से अलग नहीं रखा गया है। अधिकारियों का निरीक्षण इसी बात का संकेत है कि भोजन उपलब्ध कराने वाले हर प्रतिष्ठान को निर्धारित सुरक्षा और स्वच्छता मानकों का पालन करना होगा।
सरकारी कैंटीनों में बड़ी संख्या में लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है, इसलिए यहां खाद्य सुरक्षा का महत्व और बढ़ जाता है। किसी तरह की लापरवाही की स्थिति में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हो सकते हैं।
मंगलवार की कार्रवाई के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को कैंटीन की रसोई में किस तरह की स्थिति मिली और यदि कोई कमी सामने आती है तो उसे दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
फिलहाल खाद्य सुरक्षा विभाग का अभियान बेंगलुरु में जारी है। स्टार होटलों से लेकर सरकारी कैंटीन तक, विभाग का संदेश साफ है कि शहर में लोगों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के नियमों का पालन हर स्तर पर जरूरी है।