बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में 13 वर्षीय बच्चे के अपहरण और हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में 28 वर्षीय भास्कर रेड्डी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने अपने पिता का कर्ज चुकाने और पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए पड़ोस में रहने वाले प्रज्वल का अपहरण किया और बाद में उसकी हत्या कर दी। चिक्काजाला पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और वारदात में कथित रूप से शामिल उसके एक अन्य साथी की तलाश जारी है।
मृतक की पहचान 13 वर्षीय प्रज्वल के रूप में हुई है। वह येलाहंका के विनायक नगर इलाके में रहता था। पुलिस के मुताबिक आरोपी भास्कर रेड्डी भी बच्चे के परिवार के आसपास के इलाके से परिचित था। इसी जान-पहचान का फायदा उठाकर उसने कथित तौर पर बच्चे को निशाना बनाया।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला है कि आरोपी को पैसों की जरूरत थी। दावा है कि उसके पिता पर कर्ज था और वह इस कर्ज को चुकाने के लिए रकम जुटाना चाहता था। पुलिस इसी आर्थिक कारण को कथित अपहरण के पीछे संभावित मकसद मानकर जांच आगे बढ़ा रही है। हालांकि अपराध के वास्तविक मकसद और पूरी साजिश की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
पुलिस का आरोप है कि प्रज्वल का अपहरण करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई। बच्चे पर सीमेंट की ईंट से हमला किए जाने की बात सामने आई है। इस हमले में उसकी मौत हो गई। वारदात की परिस्थितियों और मौत के सटीक कारण की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम और अन्य फॉरेंसिक साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे।
जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई है कि भास्कर रेड्डी ने कथित तौर पर अकेले वारदात को अंजाम नहीं दिया। पुलिस को संदेह है कि एक अन्य व्यक्ति ने भी अपराध में उसकी मदद की थी। फिलहाल वह व्यक्ति फरार बताया जा रहा है। उसकी पहचान और संभावित ठिकानों के आधार पर पुलिस की अलग-अलग टीमें तलाश कर रही हैं।
मामले में भास्कर रेड्डी की गिरफ्तारी भी नाटकीय घटनाक्रम के बीच हुई। पुलिस के अनुसार वारदात के बाद आरोपी अपनी कार से आंध्र प्रदेश की ओर भागने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान चिक्काजाला इलाके में केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट रोड की सर्विस लेन पर उसकी कार दूसरी गाड़ियों से टकरा गई।
हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। इसी घटनाक्रम के बीच पुलिस आरोपी तक पहुंची और उसे हिरासत में ले लिया। बाद में मामले में उसकी कथित भूमिका सामने आने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह आंध्र प्रदेश में कहां जाने की योजना बना रहा था और क्या वहां उसे किसी अन्य व्यक्ति से मदद मिलने वाली थी।
पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल गतिविधियों की भी जांच कर सकती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि वारदात से पहले उसने किन लोगों से बातचीत की थी और घटना के बाद फरार होने के दौरान वह किसके संपर्क में था।
जांच में फरार बताए जा रहे दूसरे आरोपी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बच्चे को ले जाने से लेकर हत्या और उसके बाद साक्ष्य छिपाने या फरार होने की योजना तक में उसकी क्या भूमिका थी। उसकी गिरफ्तारी के बाद मामले के कई और पहलुओं से पर्दा उठ सकता है।
पुलिस बच्चे के परिवार और आसपास रहने वाले लोगों के बयान भी दर्ज कर रही है। चूंकि आरोपी पड़ोस का बताया गया है, इसलिए जांच में यह भी देखा जा रहा है कि उसने प्रज्वल और उसके परिवार की दिनचर्या के बारे में पहले से कितनी जानकारी जुटाई थी।
इस तरह के अपराध में परिचित व्यक्ति द्वारा बच्चे को निशाना बनाए जाने की स्थिति में परिवार को शुरुआती समय में संदेह भी नहीं होता। पुलिस अब यह समझने की कोशिश कर रही है कि प्रज्वल आरोपी के साथ किस परिस्थिति में गया और क्या उसे किसी बहाने से बुलाया गया था।
मामले में अपहरण के पीछे फिरौती की योजना थी या आरोपी किसी अन्य तरीके से रकम हासिल करना चाहता था, इस संबंध में भी विस्तृत जांच की जरूरत है। उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी में आरोपी की आर्थिक जरूरत और पिता के कर्ज को संभावित कारण बताया गया है, लेकिन पुलिस पूछताछ और साक्ष्यों के बाद ही पूरी साजिश स्पष्ट हो सकेगी।
प्रज्वल की मौत से उसके परिवार और विनायक नगर इलाके में शोक का माहौल है। महज 13 साल के बच्चे की मौत और मामले में पड़ोस के व्यक्ति की गिरफ्तारी से स्थानीय लोग भी स्तब्ध हैं।
चिक्काजाला पुलिस आरोपी से पूछताछ के जरिए घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि अपराध की योजना कब बनाई गई, बच्चे को कहां ले जाया गया, कथित हत्या किस स्थान पर हुई और इसके बाद आरोपी ने फरार होने की योजना कैसे तैयार की।
जांच में सीसीटीवी फुटेज भी महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। बच्चे के घर के आसपास, मुख्य सड़कों और आरोपी की कार के संभावित रास्ते में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग से उसकी गतिविधियों की पुष्टि करने में मदद मिल सकती है। कार की भी फॉरेंसिक जांच की जा सकती है।
आरोपी की गिरफ्तारी के बावजूद पुलिस के सामने अभी कई सवाल हैं। सबसे महत्वपूर्ण फरार व्यक्ति को पकड़ना और उसकी भूमिका स्पष्ट करना है। इसके अलावा कथित आर्थिक मकसद, अपहरण की योजना और हत्या तक पहुंचे घटनाक्रम को साक्ष्यों के आधार पर स्थापित करना होगा।
फिलहाल भास्कर रेड्डी पुलिस की गिरफ्त में है और उससे पूछताछ जारी है। उसके खिलाफ लगाए गए आरोप अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। पुलिस का कहना है कि दूसरे संदिग्ध की तलाश की जा रही है और उसके पकड़े जाने के बाद मामले से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी सामने आ सकती है।