तुमकुरु। कर्नाटक के तुमकुरु जिले में गुरुवार शाम एक बड़ा हादसा टल गया, जब नेशनल हाईवे-48 के बाईपास पर दूध से भरा एक टैंकर ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे के बाद टैंकर में भरा करीब 21 हजार लीटर दूध सड़क पर बह गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि दुर्घटना में चालक और क्लीनर सुरक्षित बच गए और उन्हें कोई चोट नहीं आई।

जानकारी के अनुसार, यह घटना शिरा तालुक क्षेत्र में नेशनल हाईवे-48 के बाईपास पर हुई। हादसे के समय दूध से भरा टैंकर तुमकुरु से मुंबई की ओर जा रहा था। टैंकर में करीब 21 हजार लीटर दूध भरा हुआ था, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 8 लाख रुपये बताई जा रही है।

अचानक अनियंत्रित होकर पलटा टैंकर

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाईवे पर चलते समय अचानक टैंकर चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया, जिसके बाद टैंकर पलट गया। टैंकर पलटते ही उसमें भरा दूध बाहर निकलने लगा और देखते ही देखते हजारों लीटर दूध सड़क पर फैल गया।

हादसे के बाद कुछ समय के लिए हाईवे पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों और राहगीरों की भीड़ मौके पर जुट गई। हालांकि, दुर्घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।

चालक और क्लीनर सुरक्षित

दुर्घटना के समय टैंकर में चालक और क्लीनर मौजूद थे। हादसे के बाद दोनों ने किसी तरह खुद को सुरक्षित बाहर निकाला। अधिकारियों के अनुसार, दोनों को किसी तरह की चोट नहीं आई है।

हादसे की सूचना मिलने के बाद संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।

दूध फेडरेशन के अधिकारियों ने किया निरीक्षण

घटना की जानकारी मिलने के बाद तुमकुरु मिल्क फेडरेशन के डायरेक्टर एस.आर. गौड़ा और शिरा सब-डिविजन मैनेजर गिरीश घटनास्थल पर पहुंचे।

दोनों अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और हादसे से हुए नुकसान का जायजा लिया। अधिकारियों ने टैंकर और दूध की स्थिति के बारे में जानकारी ली।

उन्होंने संबंधित कर्मचारियों से भी घटना की पूरी जानकारी हासिल की।

लाखों रुपये के दूध का नुकसान

टैंकर में करीब 21 हजार लीटर दूध था, जो हादसे के बाद सड़क पर बह गया। इसकी कीमत लगभग 8 लाख रुपये बताई जा रही है।

दूध के इस नुकसान से फेडरेशन को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक नुकसान की अंतिम रिपोर्ट जारी नहीं की है।

हाईवे पर यातायात प्रभावित

टैंकर पलटने और दूध फैलने के कारण कुछ समय के लिए हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस और संबंधित विभागों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्था संभाली।

टैंकर को हटाने और सड़क को साफ करने का काम किया गया, ताकि वाहनों की आवाजाही सामान्य हो सके।

हादसे के कारणों की जांच जारी

पुलिस और संबंधित विभाग हादसे के कारणों की जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक तौर पर वाहन के नियंत्रण खोने की बात सामने आई है, लेकिन दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल पाएगा।

अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि टैंकर की स्थिति, सड़क की स्थिति या किसी अन्य कारण से हादसा हुआ।

सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

दूध जैसे आवश्यक उत्पादों की सप्लाई करने वाले वाहनों के साथ होने वाले हादसे कई बार बड़े नुकसान का कारण बनते हैं। इस घटना के बाद एक बार फिर लंबी दूरी के परिवहन वाहनों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर सवाल उठे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे वाहनों के चालकों को लंबी यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और वाहनों की नियमित जांच जरूरी है।

फिलहाल हादसे में किसी की जान नहीं गई, जो बड़ी राहत की बात है। लेकिन करीब 21 हजार लीटर दूध के नुकसान ने फेडरेशन को आर्थिक झटका जरूर दिया है। अधिकारी अब घटना की जांच कर आगे की कार्रवाई कर रहे हैं।

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