बेंगलुरु: मतदाता विवरण में सुधार के लिए फॉर्म 8 आवेदनों की संख्या में वृद्धि हुई है और यह 12 लाख से अधिक हो गई है। एक सप्ताह में चुनाव अधिकारियों को 45,173 फॉर्म 8 प्राप्त हुए हैं।
चुनाव अधिकारियों ने कहा, "चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर लोगों के बीच बढ़ती चिंता के कारण फॉर्म 8 की संख्या में वृद्धि हुई है।"
15 अक्टूबर तक, कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय को 12,79,525 फॉर्म 8 प्राप्त हुए, जबकि कुल प्राप्त फॉर्म 24,46,803 थे। 16 जून से 23 सितंबर तक सीईओ कार्यालय को 58,390 फॉर्म 8 प्राप्त हुए थे।
चुनाव अधिकारियों ने बताया, "एसआईआर के बारे में जागरुकता बढ़ने से समावेशन और सुधार के लिए हमें प्राप्त होने वाले फॉर्मों की संख्या में वृद्धि हुई है। सुधार के लिए फॉर्म 8 दाखिल करने वाले नागरिकों को हटाने के लिए फॉर्म 7 और शामिल करने के लिए नया फॉर्म 6 भरने की आवश्यकता नहीं है। विधानसभा क्षेत्र/बूथ में सुधार और बदलाव के लिए एक फॉर्म-8 पर्याप्त है। चुनाव कर्मचारी पुराने निर्वाचन क्षेत्र/बूथ सूची से नाम हटा देंगे और उन्हें नए में शामिल कर देंगे।"
15 अक्टूबर तक के आंकड़ों से पता चला है कि सीईओ के कार्यालय को एनआरआई मतदाताओं को शामिल करने के लिए 10,07,392 फॉर्म 6 और 4,777 फॉर्म 6ए प्राप्त हुए। इसके अलावा, विलोपन के लिए 1,55,109 फॉर्म 7 दाखिल किए गए थे।
फॉर्म 7 और फॉर्म 8 की अधिकतम संख्या बेंगलुरु शहरी जिले से थी - क्रमशः 11,782 और 1,37,678। जिले में कुल 2,65,963 फॉर्म भी दर्ज किए गए, जिसमें शामिल करने के लिए 1,15,065 फॉर्म 6 शामिल थे।
चुनाव अधिकारियों ने कहा, "कोई भी फॉर्म, चाहे 7 हो या 8, उचित दस्तावेजों के बिना संसाधित नहीं किया जा रहा है। फॉर्म 6 के मामले में, अतिरिक्त घोषणा पत्र जो एसआईआर अभ्यास के दौरान दिया जा रहा था, 27 अक्टूबर के बाद बंद कर दिया जाएगा जब अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी। नागरिकों को अपने परिवार के सदस्यों की मतदाता आईडी विवरण साझा करना होगा।
यह भी आवेदन पत्र में भरे जाने वाले कॉलम में से एक है। प्राप्त सभी फॉर्म 6, 7 और 8 आवेदनों का समावेशन, सुधार और विलोपन से पहले ECINET के माध्यम से अन्य राज्यों और ASDDO (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लिकेट और अन्य) सूची के साथ जनसांख्यिकीय रूप से समान प्रविष्टियों के लिए मूल्यांकन किया जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) को जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के अनुसार झूठे दावे और आपत्तियां दाखिल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि हटाने और शामिल करने के लिए बड़ी संख्या में फॉर्म दाखिल करने वाले बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
मान्यता प्राप्त दलों के बीएलए को ड्राफ्ट प्रकाशन से पहले बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) को प्रति दिन 50 से अधिक फॉर्म और उसके बाद प्रति दिन 10 फॉर्म जमा करने की अनुमति नहीं है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा, एक व्यक्ति द्वारा ऑनलाइन दाखिल किए जाने वाले आवेदनों की संख्या छह तक सीमित है।
सीईओ कार्यालय के आंकड़ों से पता चला कि नो-मैपिंग और विसंगतियों/तार्किक विसंगतियों के संबंध में मामलों की सुनवाई के लिए 43,82,824 नोटिस तैयार किए गए थे। शुक्रवार तक 43,63,459 (99.56%) मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है और 19,365 लंबित हैं.