बेंगलुरु: गुरुवार को फ़ूड सेफ़्टी और ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के अधिकारियों ने पूरे कर्नाटक में 45 आइसक्रीम बनाने वाली यूनिट्स का निरीक्षण किया और जांच के लिए खाने-पीने की चीज़ों के 70 सैंपल लिए। इस अभियान में चार यूनिट्स में नियम तोड़ने के मामले सामने आए, जिनमें एक्सपायर हो चुके फ़ूड प्रोडक्ट्स का स्टोरेज, साफ़-सफ़ाई की कमी और लेबलिंग में कमियां शामिल थीं।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री यू.टी. खादर के निर्देशों के बाद, गुरुवार को फ़ूड सेफ़्टी डिवीज़न ने ये निरीक्षण किए। विभाग ने आइसक्रीम, दूध, मिल्क पाउडर, फ़्लेवरिंग सब्सटेंस, चीनी, फ़ूड एडिटिव्स और अन्य कच्चे माल के सैंपल लिए। इन सैंपल्स को सरकारी फ़ूड लैबोरेटरी में भेजा गया है ताकि उनकी क्वालिटी और तय फ़ूड सेफ़्टी स्टैंडर्ड्स के पालन की जांच की जा सके।
बेंगलुरु के जयनगर 3rd ब्लॉक में स्थित 'सवारा आइसक्रीम कैफ़े' में अधिकारियों ने एक्सपायर हो चुके प्रोडक्ट्स ज़ब्त किए, जिनमें ब्रिटानिया मैरीगोल्ड बिस्कुट, नंदिनी समृद्धि दूध, एल्केलाइज़्ड चाय और कॉफ़ी मिक्स, और सूखा नारियल पाउडर शामिल थे।
बन्नेरघट्टा रोड पर बिलेकहल्ली में 'MN एंटरप्राइज़ेज़' में अधिकारियों ने एक्सपायर हो चुके प्लेन कैरमेल, नेस्ले मिल्कमेड और मिल्की मिस्ट खोया को ज़ब्त किया। इस यूनिट में लेबलिंग से जुड़ी कमियां भी पाई गईं।
रायचूर में 'जेमिनी आइसक्रीम' बनाने वाली यूनिट साफ़-सफ़ाई की खराब स्थितियों में चलती पाई गई, जिसके बाद यूनिट को नोटिस जारी किया गया। मैसूरु में 'जॉन कैंडी आइसक्रीम' बनाने वाली यूनिट में अधिकारियों को लेबलिंग से जुड़ी कमियां मिलीं और उन्होंने 20,000 रुपये कीमत के आइसक्रीम प्रोडक्ट्स ज़ब्त किए।