नो पार्किंग के बावजूद खड़े वाहन, एयरपोर्ट प्रबंधन ने जताई चिंता
प्रशासन को भेजी वाहनों की सूची
रांची: देश के प्रमुख प्रतिष्ठानों को मिल रही बम धमकियों के बीच रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। पहले भी धमकियों का सामना कर चुके इस एयरपोर्ट को सुरक्षा की दृष्टि से अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। यात्रियों और उनके सामान की जांच के साथ परिसर की निगरानी पर ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि, एयरपोर्ट के आसपास प्रतिबंध के बावजूद खड़े होने वाले वाहन सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए चुनौती बने हुए हैं। एयरपोर्ट प्रबंधन ने इस संबंध में जिला प्रशासन को पहले भी पत्र भेजा है।
एयरपोर्ट की सुरक्षा के विषय में आंतरिक परिसर के साथ बाहरी क्षेत्र का व्यवस्थित होना भी महत्वपूर्ण है। टर्मिनल तक पहुंचने वाले मार्गों पर वाहनों का जमावड़ा यात्रियों की आवाजाही प्रभावित करता है। सड़क किनारे लंबे समय तक खड़े वाहन निगरानी और यातायात नियंत्रण का काम भी बढ़ाते हैं। ऐसे में निर्धारित पार्किंग का उपयोग कराना केवल यातायात सुविधा का प्रश्न नहीं, बल्कि एयरपोर्ट के आसपास व्यवस्था बनाए रखने का भी हिस्सा है। अवैध पार्किंग को लेकर चिंता नई नहीं है। दिसंबर 2025 में सामने आई जानकारी के अनुसार, एयरपोर्ट प्रबंधन ने लगभग 90 अनधिकृत रूप से खड़े वाहनों की सूची जिला प्रशासन और यातायात पुलिस को सौंपी थी। उस समय एयरपोर्ट से हिनू चौक तक ऐसे वाहनों के खिलाफ अभियान चलाने, उन्हें हटाने और नियमानुसार जुर्माना लगाने का प्रस्ताव रखा गया था। पार्किंग में प्रवेश करने वाले वाहनों की जांच तथा आसपास खड़ी गाड़ियों की निगरानी पर भी जोर दिया गया था।
इसके बाद एयरपोर्ट मार्ग पर पार्किंग प्रतिबंधित करने की व्यवस्था भी सामने आई। संबंधित निर्णय में संतोषी माता मंदिर, हिनू से मौसम केंद्र होते हुए सीआईएसएफ कैंप तक सड़क के दोनों किनारों पर वाहन खड़ा करने पर रोक की बात कही गई थी। नागरिकों से एयरपोर्ट परिसर के निर्धारित पार्किंग स्थल का इस्तेमाल करने की अपील की गई। इसका उद्देश्य अनियंत्रित पार्किंग से होने वाले जाम को कम करना और यात्रियों को सुगम रास्ता उपलब्ध कराना था। वर्तमान रिपोर्ट में एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से 95 वाहनों के नंबर प्रशासन को उपलब्ध कराए जाने का उल्लेख है। इसके बावजूद आसपास अनधिकृत पार्किंग जारी रहने की बात सामने आई है। एयरपोर्ट निदेशक विनोद कुमार के अनुसार, सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं और बाहरी क्षेत्र से अवैध पार्किंग हटाने के लिए प्रशासन को पहले ही पत्र लिखा जा चुका है। उन्होंने सुरक्षा जांच में यात्रियों से सहयोग की अपेक्षा भी जताई है। इन जानकारियों से स्पष्ट है कि प्रतिबंध लागू कराने में संबंधित विभागों का समन्वय महत्वपूर्ण बना हुआ है।
बिरसा मुंडा एयरपोर्ट की आंतरिक सुरक्षा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जिम्मे है। बाहरी क्षेत्र में स्थानीय पुलिस, यातायात पुलिस और जिला प्रशासन की भूमिका रहती है। पूर्व की सुरक्षा समीक्षा में भी एयरपोर्ट अधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने अनधिकृत वाहनों के मुद्दे पर चर्चा की थी। उस समय नियमित निगरानी और वाहन हटाने की कार्रवाई का सुझाव दिया गया था। अब इसी व्यवस्था के प्रभावी पालन का प्रश्न फिर उठ रहा है।
एयरपोर्ट और यहां से संचालित होने वाले विमानों को पहले भी बम से उड़ाने की धमकियां मिली हैं। नवंबर 2024 की एक रिपोर्ट में मई, सितंबर और अक्टूबर में मिले धमकी संदेशों का उल्लेख किया गया था। 28 अक्टूबर 2024 को सोशल मीडिया मंच पर एक विमान को निशाना बनाने की धमकी सामने आई थी। ऐसी घटनाओं के बाद यात्रियों की जांच और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई गई थी। पुराने मामलों को वर्तमान में मिली नई धमकी समझने के बजाय उनकी तारीख और संदर्भ के साथ देखना जरूरी है।
आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारी के तहत एयरपोर्ट पर आइसोलेशन सुविधा विकसित करने की योजना भी है। मार्च 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, इसका डिजाइन स्वीकृत हो चुका था। ऐसी सुविधा का उद्देश्य किसी विमान से संबंधित बम की सूचना या अन्य आपात स्थिति में उसे दूसरे विमानों और मुख्य परिचालन क्षेत्र से अलग रखकर जांच करना है। उपलब्ध जानकारी योजना और उसकी तैयारी से संबंधित है; इसे पूरी तरह चालू व्यवस्था के रूप में नहीं बताया जा सकता।
यात्रियों के लिए सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग का सीधा अर्थ है कि वे जांच के लिए पर्याप्त समय रखें, अपना सामान अपने पास रखें और वाहन केवल निर्धारित स्थान पर खड़ा करें। किसी अनजान वस्तु या असामान्य गतिविधि की जानकारी मिलने पर स्वयं हस्तक्षेप करने के बजाय मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों को बताना बेहतर है। इसी तरह किसी अपुष्ट धमकी संदेश को आगे भेजने से भ्रम बढ़ सकता है। यात्रा संबंधी बदलावों के लिए एयरलाइन और एयरपोर्ट की आधिकारिक सूचना देखनी चाहिए।
फिलहाल खबर का मुख्य विषय सुरक्षा सतर्कता और बाहरी क्षेत्र में अवैध पार्किंग की समस्या है। उपलब्ध विवरण में रांची एयरपोर्ट पर किसी वास्तविक विस्फोट या विस्फोटक मिलने की नई पुष्टि नहीं है। सुरक्षा प्रबंधन के लिए आगे की महत्वपूर्ण कार्रवाई प्रतिबंधित क्षेत्रों में पार्किंग रोकना, मार्गों को व्यवस्थित रखना और संबंधित एजेंसियों के बीच नियमित समन्वय बनाए रखना होगी। यात्रियों और वाहन चालकों का सहयोग इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने में उपयोगी रहेगा।