Jamshedpur: फ‍िल्‍म शोले में डाकू गब्‍बर स‍िंह ने ठाकुर के दोनों हाथ बेरहमी से काट डाले थे. इसकी वजह दोनों में अदावत थी. लेक‍िन यहां तो एक नर्स की लापरवाही की वजह से बच्‍ची को एक हाथ गंवाना पड़ा है. जमशेदपुर के परसुडीह थाना इलाके के कीताडीह की 16 वर्षीय काली शर्मा ने कभी ये नहीं सोचा होगा कि सदर अस्पताल में पेट दर्द का इलाज कराना उसे इतना महंगा पड़ेगा क‍ि उसे अपना हाथ गंवाना पड़ जायेगा. दरअसल, 21 जुलाई की रात को काली के पेट में असहनीय दर्द उठा. परिजन उसे तत्काल इलाज के लिए यह सोचकर सदर अस्पताल लेकर गए कि शायद उनकी बेटी के दर्द का इलाज हो सके. तड़के 4 बजे उसे अस्पताल में भर्ती किया गया जहां एक नर्स ने उसे दर्द कम होने का इंजेक्शन दिया. एक घंटे बाद दर्द कम होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी भी मिल गई. घर जाने पर उसे अहसास हुआ क‍ि उसका दाहिना हाथ जिसपर नर्स ने इंजेक्शन दिया था काम करना बंद कर चुका है. हाथ में चोट का भी कोई असर नहीं हो रहा है.

परिजन तत्काल उसे दोबारा सदर अस्पताल लेकर गए जहां गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन ने पैरवी पर काली को टीएमएच में भर्ती कराया. यहां उसे जानकारी हुई कि नर्स की लापरवाही से गलत जगह इंजेक्शन दे दिया गया है जिससे हाथ ने काम करना बंद कर दिया है. अगर समय पर सही इलाज नहीं मिला तो कुछ भी हो सकता है. डॉक्टरों ने उसे तत्काल कोलकाता ले जाने की सलाह दी. किसी तरह परिजन 21 जुलाई को ही काली को इलाज के लिए कोलकाता लेकर गए पर उसे अस्पताल ले जाने में देरी हो गई. फिर भी अस्पताल में डॉक्टरों ने प्रयास किया और हाथ का ऑपरेशन किया. इसके बावजूद हाथ में इंफेक्शन तेजी से फैलने लगा. अंत में डॉक्टरों को उसका दाहिना हाथ काटना पड़ा.
औेर बोझ बन गई ज‍िंदगी
काली शर्मा ने दोनों हाथों में मेहंदी रचा रखी थी. मेहंदी लगा एक हाथ अपने शरीर का ह‍िस्‍सा नहीं रहा. अब वह शायद ही मेहंदी रचा पाये. लेक‍िन, अब ज‍िंदगी की राह में दुश्‍वार‍ियां आ गई हैं, उससे पार पाने का जतन भी आसान नहीं द‍िखता. माता-प‍िताता भी यही सोचकर हलकान हैं.
ये कहते स‍िव‍िल सर्जन
स‍िव‍िल सर्जन डॉक्‍टर जुझार मांझी ने कहा क‍ि यह घटना दुर्भाग्‍यपूर्ण है. उन्‍होंने संबंध‍ित सीएचओ को वापस भेज द‍िया है. लड़की के स्‍वस्‍थ होकर लौटने के बाद उसका बयान ल‍िया जायेगा और फ‍िर व‍िभागीय कार्रवाई शुरू की जायेगी.

सोर्स- News Wing

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