रांची। झारखंड की राजधानी रांची के ग्रामीण इलाके से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। जिस पिता की देखभाल के लिए 17 वर्षीय बेटा रातभर जागकर पहरेदारी करता था, उसी पिता पर अपने इकलौते बेटे की हत्या करने का आरोप लगा है। मंगलवार सुबह हुई इस वारदात के बाद गांव में मातम पसर गया। मृतक की पहचान नितेश उरांव के रूप में हुई है। वह नौवीं कक्षा का छात्र था और अपने परिवार के साथ रहता था।
घटना रांची जिले के नरकोपी थाना क्षेत्र अंतर्गत बोबरो गांव के सिया टोली की है। जानकारी के मुताबिक, आरोपी पिता देवनाथ उरांव की मानसिक स्थिति पिछले कुछ समय से ठीक नहीं होने की बात परिजनों ने बताई है। परिवार के सदस्य उनकी देखभाल करते थे। बताया जा रहा है कि देवनाथ कई बार रात में घर से बाहर निकलने की कोशिश करते थे। इसी वजह से उनका बेटा नितेश रात में उनकी निगरानी करता था, ताकि पिता कहीं भटक न जाएं। मंगलवार सुबह पिता द्वारा कथित तौर पर हमला किए जाने से उसकी मौत हो गई।
पिता की सुरक्षा के लिए रात में बंद किया था दरवाजा
परिजनों के अनुसार, सोमवार रात भी नितेश अपने पिता की सुरक्षा को लेकर चिंतित था। उसे डर था कि कहीं पिता रात में घर से निकलकर बाहर न चले जाएं। इसी आशंका के चलते उसने घर का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया था।
बताया जा रहा है कि नितेश अपने पिता का विशेष ध्यान रखता था। परिवार की परिस्थितियों को समझते हुए वह कम उम्र में ही जिम्मेदारी निभाने लगा था। पिता की निगरानी करना उसकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया था।
सोमवार की रात भी वह इसी जिम्मेदारी को निभाने के बाद सो गया। हालांकि, मंगलवार सुबह घर के भीतर ऐसी घटना हुई, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। जिस बेटे ने पिता को सुरक्षित रखने के लिए दरवाजा बंद किया था, वही बेटा अगली सुबह जीवित नहीं बचा।
गहरी नींद में सो रहे बेटे पर हमला
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह नितेश घर में सो रहा था। इसी दौरान उसके पिता ने कथित तौर पर धारदार कृषि उपकरण से उस पर हमला कर दिया। हमले में किशोर को गंभीर चोटें आईं और उसकी मौत हो गई।
अलग-अलग समाचार रिपोर्टों में हमले के लिए इस्तेमाल किए गए औजार को कुल्हाड़ी और कुदाल बताया गया है। हालांकि, घटनास्थल से कुदाल बरामद किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे में हत्या में प्रयुक्त हथियार की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच से होगी।
घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों को जब वारदात की जानकारी मिली तो वे घटनास्थल पर पहुंचे। एक नाबालिग की उसके ही घर में हत्या होने की खबर से पूरे गांव में सनसनी फैल गई।
हत्या के बाद पड़ोसियों को दी घटना की जानकारी
इस मामले में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, घटना के बाद आरोपी पिता घर से बाहर निकला और आसपास के लोगों को बताया कि उसने अपने बेटे की हत्या कर दी है।यह सुनकर ग्रामीण स्तब्ध रह गए। लोगों को शुरुआत में विश्वास नहीं हुआ कि जिस परिवार में बेटा अपने पिता की देखभाल करता था, वहां इतनी बड़ी घटना हो सकती है।ग्रामीणों की सूचना के बाद पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। घटना की खबर फैलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई।बताया जा रहा है कि परिवार के लोग घटना से गहरे सदमे में हैं। नितेश की असमय मौत ने परिवार को ऐसा दुख दिया है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।
नौवीं कक्षा का छात्र था नितेश
मृतक नितेश उरांव नरकोपी स्थित मॉडर्न पब्लिक स्कूल में नौवीं कक्षा में पढ़ता था। महज 17 वर्ष की उम्र में उसकी जिंदगी समाप्त हो जाने से परिवार और परिचितों में शोक का माहौल है।बताया जा रहा है कि नितेश परिवार का इकलौता बेटा था। पढ़ाई के साथ-साथ वह पिता की देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाता था।जिस उम्र में बच्चे अपने भविष्य को लेकर सपने देखते हैं, उस उम्र में नितेश घर की परिस्थितियों के कारण अतिरिक्त जिम्मेदारियां निभा रहा था। पिता की सुरक्षा के प्रति उसकी चिंता ही इस घटना को और अधिक मार्मिक बना देती है।स्थानीय लोगों के लिए यह विश्वास करना कठिन है कि पिता की देखभाल करने वाले बेटे की मौत का आरोप उसी पिता पर लगा है।
मौके पर पहुंची पुलिस, आरोपी पिता हिरासत में
घटना की जानकारी मिलने के बाद नरकोपी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। रिपोर्टों के अनुसार, थाना प्रभारी शैलेंद्र टुडू, एएसआई शिव कुमार और पुलिस बल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की। आरोपी पिता को भी हिरासत में ले लिया गया है। घटनास्थल से हत्या में इस्तेमाल किए जाने का संदेह वाला औजार बरामद होने की जानकारी सामने आई है।पुलिस घटना की परिस्थितियों को समझने के लिए परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों से जानकारी जुटा रही है। जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि हमले से पहले घर में क्या हुआ था और वारदात किन परिस्थितियों में हुई।
पिता की मानसिक स्थिति की भी होगी जांच
परिजनों और स्थानीय रिपोर्टों में आरोपी पिता के मानसिक रूप से अस्वस्थ होने की बात कही गई है। हालांकि, उनकी बीमारी का चिकित्सकीय विवरण और घटना के समय उनकी मानसिक स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
पुलिस जांच में यह पहलू भी महत्वपूर्ण हो सकता है। किसी व्यक्ति को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होना अपने आप में हिंसक व्यवहार का प्रमाण नहीं है। इसलिए हत्या के कारणों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी।जांच में मेडिकल रिकॉर्ड, परिजनों के बयान और अन्य साक्ष्य महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
पूरे गांव में शोक, घटना ने उठाए कई सवाल
बोबरो गांव के सिया टोली में हुई इस वारदात ने पूरे क्षेत्र को दुखी कर दिया है। एक किशोर, जो अपने पिता की सुरक्षा के लिए रातभर जागता था, उसकी अपने ही घर में मौत होने से लोग स्तब्ध हैं।यह घटना उन परिवारों की कठिनाइयों की ओर भी ध्यान खींचती है, जहां गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे सदस्य की देखभाल की जिम्मेदारी सीमित संसाधनों में दूसरे परिजनों को निभानी पड़ती है।
नितेश की मौत के बाद अब परिवार के सामने गहरा संकट खड़ा हो गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद वारदात की परिस्थितियां अधिक स्पष्ट हो सकेंगी।