गढ़वा। झारखंड के गढ़वा जिले में एक रेलवे स्टेशन कैंटीन संचालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। श्री बंशीधर नगर थाना क्षेत्र के जासा गांव निवासी दया पांडेय की गुरुवार रात नगर ऊंटारी (श्री बंशीधर नगर) रेलवे स्टेशन स्थित कैंटीन में मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है।
दया पांडेय रेलवे स्टेशन पर कैंटीन चलाते थे और अपने मिलनसार व हंसमुख स्वभाव के कारण यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों के बीच काफी लोकप्रिय थे। रेल विभाग के कार्यों में भी वे सहयोग करते थे।
कैंटीन में निकला था सांप
जानकारी के अनुसार, गुरुवार को दिन में उनकी कैंटीन में एक सांप निकल आया था। सांप को देखकर कैंटीन और स्टेशन परिसर में मौजूद लोगों में डर का माहौल बन गया था।
बताया जा रहा है कि दया पांडेय ने कुछ साथियों की मदद से उस सांप को मार दिया था। इसके बाद उन्होंने सामान्य रूप से अपना काम जारी रखा।
हालांकि, रात में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने या किसी अन्य कारण से मौत हो गई। इस घटना को लेकर तरह-तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं।
यात्रियों ने देखा तो मिली जानकारी
बताया गया कि रात करीब साढ़े 11 बजे पलामू एक्सप्रेस का समय होने के कारण रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी थी।
कुछ यात्री कैंटीन पर सामान लेने पहुंचे। उन्होंने देखा कि दया पांडेय कैंटीन में बैठे हुए हैं, लेकिन वे किसी बात का जवाब नहीं दे रहे हैं।
यात्रियों और आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें आवाज दी, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद लोगों को अनहोनी की आशंका हुई।
मौके पर मची अफरा-तफरी
दया पांडेय की हालत देखकर स्टेशन परिसर में मौजूद लोगों में चिंता फैल गई। लोगों ने तुरंत इसकी सूचना अन्य कर्मचारियों और संबंधित लोगों को दी।
इसके बाद उन्हें देखने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंचे। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मौत के कारणों की जांच जारी
दया पांडेय की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
संदेह जताया जा रहा है कि सांप के संपर्क में आने या किसी अन्य कारण से उनकी तबीयत बिगड़ी हो सकती है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों का पता जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चल सकेगा।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
रेलवे कर्मचारियों में शोक
दया पांडेय लंबे समय से रेलवे स्टेशन पर कैंटीन संचालित कर रहे थे। उनके व्यवहार के कारण स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्री और रेलवे कर्मचारी उन्हें अच्छी तरह जानते थे।
उनकी अचानक मौत की खबर से रेलवे कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में शोक की लहर है।
लोगों ने बताया कि दया पांडेय हमेशा हंसमुख रहते थे और यात्रियों की मदद के लिए तैयार रहते थे।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
दया पांडेय की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजन इस घटना को लेकर सदमे में हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि दया पांडेय सामाजिक रूप से सक्रिय व्यक्ति थे और गांव में भी उनकी अच्छी पहचान थी।
पुलिस कर रही आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। घटनास्थल से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है और लोगों से पूछताछ भी की जा रही है।
फिलहाल मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
रेलवे स्टेशन की कैंटीन में हुई इस घटना ने यात्रियों और स्थानीय लोगों को भी हैरान कर दिया है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है, जिससे दया पांडेय की मौत की असली वजह सामने आ सके।