रांची। देशभक्ति गीत ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शिक्षा क्षेत्र में कार्य करने वाली संस्था विद्या भारती ने देशभर में एक बड़े आयोजन की तैयारी की है। इसके तहत 25 सितंबर को पूरे देश में एक ही समय पर सुबह 11 बजे सामूहिक वंदे मातरम् गायन का आयोजन किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में विद्या भारती से जुड़े लाखों छात्र, शिक्षक, कर्मचारी, पूर्व छात्र और विद्यालय प्रबंधन समितियों के सदस्य शामिल होंगे। आयोजन का उद्देश्य देशभक्ति की भावना को मजबूत करना और नई पीढ़ी को वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व से परिचित कराना है।
देशभर के विद्यालयों में होगा आयोजन
विद्या भारती के अनुसार, 25 सितंबर को होने वाले इस कार्यक्रम में देशभर के उसके विद्यालयों में एक साथ वंदे मातरम् का गायन किया जाएगा।
इस विशेष आयोजन के लिए सभी विद्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षक और अन्य कर्मचारी भी भाग लेंगे।
30 लाख छात्र होंगे शामिल
आयोजन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें विद्या भारती के स्कूलों में पढ़ने वाले लगभग 30 लाख बच्चे हिस्सा लेंगे।
इसके अलावा संस्था के सभी शिक्षक और कर्मचारी भी कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे।
विद्या भारती से जुड़े लगभग 25 लाख पूर्व छात्र भी इस आयोजन में अपनी भागीदारी दर्ज कराएंगे।
12 हजार विद्यालयों की भागीदारी
विद्या भारती के अनुसार, देशभर में संचालित लगभग 12 हजार औपचारिक विद्यालयों की प्रबंध समितियां भी इस आयोजन में शामिल होंगी।
विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य और उनके परिवार के लोग भी सामूहिक गायन कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे।
इस तरह यह आयोजन बड़े स्तर पर देशभर में एक साथ आयोजित किया जाएगा।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर आयोजन
यह विशेष कार्यक्रम पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है।
विद्या भारती ने बताया कि इस दिन देशभर में वंदे मातरम् गायन के माध्यम से राष्ट्रीय भावना और सांस्कृतिक चेतना का संदेश दिया जाएगा।
वंदे मातरम् का ऐतिहासिक महत्व
वंदे मातरम् भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण गीत रहा है।
इसकी रचना प्रसिद्ध साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी।
यह गीत स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लोगों में देशभक्ति और एकता की भावना जगाने का माध्यम बना।
आज भी वंदे मातरम् को देश के प्रमुख राष्ट्रभक्ति गीतों में शामिल किया जाता है।
नई पीढ़ी को जोड़ने का प्रयास
विद्या भारती का कहना है कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल सामूहिक गायन तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को देश के इतिहास, संस्कृति और स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ना भी है।
संस्था के अनुसार, ऐसे कार्यक्रम बच्चों में राष्ट्रीय भावना, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में मदद करते हैं।
देशभर में बनेगा एकता का संदेश
एक ही समय पर लाखों लोगों द्वारा वंदे मातरम् का गायन देश में एकता और सामूहिक भावना का संदेश देगा।
विद्या भारती से जुड़े लोगों का मानना है कि यह आयोजन विद्यार्थियों और समाज के बीच देशभक्ति की भावना को और मजबूत करेगा।
तैयारियों में जुटी संस्था
विद्या भारती के विद्यालयों में इस आयोजन को सफल बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
विद्यालय स्तर पर छात्रों को कार्यक्रम की जानकारी दी जा रही है और सामूहिक गायन की तैयारी कराई जा रही है।
संस्था ने उम्मीद जताई है कि यह आयोजन देशभर में बड़े स्तर पर सफल होगा।