Real Life 'Sanam Teri Kasam':बेटी की मर्जी से शादी, पिता का चौंकाने वाला कदम
Jharkhand:झारखंड के कोडरमा जिले के डोमचांच प्रखंड के बेहराडीह गांव में प्रेम विवाह को लेकर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवती द्वारा अपनी मर्जी से प्रेम विवाह करने के बाद उसके माता-पिता ने उससे सभी संबंध समाप्त कर दिए और सामाजिक रीति-रिवाज के तहत जीवित बेटी का प्रतीकात्मक पिंडदान और श्राद्ध कर्म कर दिया। यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और ग्रामीणों के बीच इस पर अलग-अलग राय सामने आ रही है।कोडरमा के बेहराडीह गांव की यह घटना किसी फिल्मी कहानी “Sanam Teri Kasam” की तरह ही दर्द और भावनाओं से भरी लगती है। जिस तरह फिल्म में प्रेम और परिवार के बीच टकराव दिखाया जाता है, उसी तरह यहां एक युवती ने अपने प्रेमी के साथ अपनी मर्जी से शादी कर ली, जिससे परिवार बेहद आहत हो गया। गुस्से और सामाजिक प्रतिष्ठा के दबाव में माता-पिता ने भावनात्मक रूप से कठोर कदम उठाते हुए अपनी जीवित बेटी का प्रतीकात्मक पिंडदान और श्राद्ध कर्म कर दिया। यह दृश्य किसी कहानी से कम नहीं लगता, जहां एक तरफ प्यार अपनी राह चुनता है और दूसरी तरफ परिवार परंपरा और समाज के दबाव में टूटता नजर आता है। गांव में इस घटना को लेकर लोगों की भावनाएं बंटी हुई हैं—कुछ इसे प्रेम की जीत मान रहे हैं, तो कुछ इसे रिश्तों के टूटने की दर्दनाक मिसाल बता रहे हैं।
चार दिन पहले प्रेम विवाह से शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, गांव की युवती का गांव के ही एक युवक के साथ लंबे समय से प्रेम संबंध था। चार दिन पहले दोनों ने अपनी इच्छा से शादी कर ली। जैसे ही यह बात परिवार को पता चली, परिजन इस विवाह से बेहद नाराज हो गए और उन्होंने इस रिश्ते को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
समाज के सामने परिवार का ऐलान
परिजनों ने समाज के सामने यह घोषणा की कि अब उनकी बेटी उनके लिए “मृत समान” है और वे उससे किसी भी प्रकार का संबंध नहीं रखेंगे। उनका कहना है कि इस विवाह से परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को गहरा आघात पहुंचा है।
बराकर नदी तट पर हुआ पिंडदान
मिली जानकारी के अनुसार, परिवार के सदस्य गिरिडीह जिले के सरिया थाना क्षेत्र स्थित राजदाह धाम पहुंचे, जहां बराकर नदी के किनारे पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार बेटी का प्रतीकात्मक पिंडदान और श्राद्ध कर्म किया गया। इस अनोखी घटना की खबर फैलते ही पूरे इलाके में चर्चा तेज हो गई।
गांव में चर्चा और अलग-अलग राय
इस घटना के बाद बेहराडीह गांव में माहौल गर्म हो गया है। कुछ लोग इसे पारिवारिक सम्मान और परंपरा से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कई लोग इसे अत्यधिक कठोर और भावनात्मक कदम बता रहे हैं। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर भी इस मामले को लेकर बहस जारी है।
पुलिस या प्रशासनिक प्रतिक्रिया नहीं
फिलहाल इस मामले में किसी प्रशासनिक या पुलिस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। घटना पूरी तरह सामाजिक स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है।