रांची : झारखंड में सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और शहरों में यातायात व्यवस्था तथा सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन लगातार अभियान चला रहा है। इसी क्रम में राजधानी रांची में शनिवार को नगर निगम ने व्यापक कार्रवाई करते हुए 60 से अधिक अवैध दुकानों और अस्थायी निर्माणों को हटाया। यह अभियान मोरहाबादी रजिस्ट्री कार्यालय और ऑक्सीजन पार्क के आसपास सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए चलाया गया।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, अभियान का उद्देश्य सड़क और सार्वजनिक भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हटाकर आम लोगों के लिए आवागमन को सुगम बनाना है। लंबे समय से इस क्षेत्र में अस्थायी दुकानें, झोपड़ियां और अन्य निर्माण होने के कारण सड़क संकरी हो गई थी, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा था और लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
शनिवार सुबह नगर निगम की टीम प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेसीबी मशीनों और अन्य उपकरणों की सहायता से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। अभियान के दौरान 60 से अधिक अवैध दुकानें और अस्थायी ढांचे हटाए गए। अधिकारियों ने सड़क किनारे बने अवैध निर्माणों को भी ध्वस्त कर दिया।
नगर निगम का कहना है कि संबंधित लोगों को पहले ही नोटिस देकर सार्वजनिक भूमि खाली करने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित समय के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाए जाने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
कार्रवाई के दौरान कुछ परिवारों के अस्थायी आश्रय भी हटाए गए। प्रशासन के अनुसार, जिन परिवारों का अस्थायी निर्माण हटाया गया, उन्हें तत्काल राहत देते हुए रात में पास के मार्केट क्षेत्र में बने एक शेड में ठहराने की व्यवस्था की गई। अधिकारियों ने कहा कि प्रभावित परिवारों के लिए मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई है।
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि मोरहाबादी और ऑक्सीजन पार्क के आसपास का क्षेत्र शहर का महत्वपूर्ण सार्वजनिक इलाका है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आते हैं। सड़क किनारे बढ़ते अतिक्रमण के कारण न केवल यातायात बाधित हो रहा था, बल्कि स्वच्छता और सुरक्षा संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न हो रही थीं। अतिक्रमण हटने के बाद अब सड़क की चौड़ाई बढ़ेगी और लोगों की आवाजाही अधिक सुगम होगी।
झारखंड सरकार और स्थानीय प्रशासन पिछले कुछ समय से राज्य के विभिन्न शहरों में सरकारी भूमि पर हुए अवैध कब्जों को हटाने के लिए विशेष अभियान चला रहे हैं। इस दौरान कई स्थानों पर करोड़ों रुपये मूल्य की सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और सार्वजनिक उपयोग की भूमि को संरक्षित रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की जाएगी। नियमित निगरानी की जाएगी ताकि हटाए गए क्षेत्रों में फिर से अवैध निर्माण न हो सके। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को समय-समय पर निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, शहर के अन्य हिस्सों में भी अतिक्रमण की पहचान का कार्य जारी है। जहां भी सार्वजनिक सड़क, पार्क, नाले या सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा पाया जाएगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम ने लोगों से अपील की है कि वे सार्वजनिक भूमि पर किसी प्रकार का अवैध निर्माण न करें और नगर नियोजन से जुड़े नियमों का पालन करें।
शहरी विकास विशेषज्ञों का मानना है कि अतिक्रमण हटाने से सड़कों पर यातायात बेहतर होगा, दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी और शहर की सुंदरता भी बढ़ेगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे अभियानों के दौरान प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए।
स्थानीय लोगों ने भी कई स्थानों पर अभियान का स्वागत किया। उनका कहना है कि सड़क किनारे अतिक्रमण के कारण अक्सर जाम की स्थिति बन जाती थी और पैदल चलने वालों को भी कठिनाई होती थी। अब अतिक्रमण हटने से आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
नगर निगम ने संकेत दिए हैं कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। शहर के विभिन्न इलाकों में चिह्नित अवैध निर्माणों और कब्जों को हटाने के लिए चरणबद्ध कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर उसका उपयोग जनहित के कार्यों के लिए सुनिश्चित करना ही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। इससे शहर में बेहतर यातायात व्यवस्था, स्वच्छ वातावरण और योजनाबद्ध शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।