Jharkhand: झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य की जेलों में रिक्त पदों को भरने में हो रही देरी पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि अब इस मामले में और समय नहीं दिया जाएगा और नियुक्ति प्रक्रिया को हर हाल में तय समय सीमा के भीतर पूरा करना होगा।
चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने जेल सुधार से जुड़े स्वत: संज्ञान जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) से जवाब तलब किया। अदालत ने कहा कि पहले ही सरकार को छह माह के भीतर सभी रिक्त पद भरने का निर्देश दिया गया था, लेकिन अब तक ठोस परिणाम सामने नहीं आए हैं।
सुनवाई के दौरान सरकार और JSSC की ओर से बताया गया कि नियुक्ति प्रक्रिया जारी है, लेकिन अदालत ने इसे अपर्याप्त माना। कोर्ट ने कहा कि केवल प्रक्रिया चलने की जानकारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका परिणाम भी दिखना चाहिए।
अदालत ने यह भी कहा कि जेलों में खाली पदों के कारण प्रशासनिक कामकाज और सुधारात्मक गतिविधियों पर असर पड़ रहा है, इसलिए समय पर भर्ती जरूरी है।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और JSSC को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई से पहले अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करें, जिसमें यह बताया जाए कि अब तक कितनी प्रगति हुई है।
मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर 2026 को होगी। तब तक सरकार को सभी आवश्यक कदम उठाने होंगे।