गुवाहाटी के लिए डायरेक्ट फ्लाइट शुरू

Update: 2026-07-13 13:15 GMT

रांची। पूर्वोत्तर भारत की यात्रा करने वाले झारखंड के यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। इंडिगो एयरलाइंस 4 अगस्त से देवघर और गुवाहाटी के बीच सीधी विमान सेवा शुरू करने जा रही है। इस नई हवाई सेवा से रांची समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों के यात्रियों को पूर्वोत्तर भारत की यात्रा में समय और पैसे दोनों की बचत होगी। अब गुवाहाटी जाने के लिए यात्रियों को दिल्ली, कोलकाता या बेंगलुरु जैसे शहरों में विमान बदलने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

नई उड़ान सप्ताह में दो दिन—मंगलवार और शुक्रवार—संचालित होगी। निर्धारित समय के अनुसार विमान सुबह 9:25 बजे गुवाहाटी से उड़ान भरकर 11:20 बजे देवघर पहुंचेगा। इसके बाद सुबह 11:40 बजे देवघर से उड़ान भरकर दोपहर 1:35 बजे गुवाहाटी पहुंचेगा। इस मार्ग पर 78 सीटों वाले एटीआर-72 विमान का संचालन किया जाएगा।

हालांकि यह उड़ान देवघर से संचालित होगी, लेकिन इसका सबसे अधिक लाभ रांची और आसपास के जिलों के यात्रियों को भी मिलेगा। रांची से देवघर की दूरी लगभग 260 किलोमीटर है, जिसे सड़क मार्ग से चार से पांच घंटे में तय किया जा सकता है। ऐसे में यात्री पहले देवघर पहुंचकर वहां से सीधे गुवाहाटी के लिए उड़ान भर सकेंगे। इससे यात्रा अधिक सुविधाजनक और किफायती हो जाएगी।

अब तक रांची से गुवाहाटी जाने वाले अधिकांश यात्रियों को दिल्ली, कोलकाता या बेंगलुरु जैसे शहरों के जरिए कनेक्टिंग फ्लाइट लेनी पड़ती थी। इससे न केवल यात्रा का समय काफी बढ़ जाता था, बल्कि किराया भी अधिक देना पड़ता था। नई सीधी उड़ान शुरू होने से यह परेशानी काफी हद तक दूर हो जाएगी। विशेष रूप से व्यवसायियों, विद्यार्थियों, सरकारी अधिकारियों, सेना और अर्धसैनिक बल के जवानों के साथ-साथ पर्यटन और धार्मिक यात्रा करने वाले लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

गुवाहाटी पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख प्रवेश द्वार माना जाता है। यहां से मेघालय की राजधानी शिलांग, काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों के लिए सड़क और हवाई संपर्क उपलब्ध है। ऐसे में देवघर-गुवाहाटी सीधी उड़ान शुरू होने से झारखंड और पूर्वोत्तर राज्यों के बीच आवागमन पहले की तुलना में अधिक आसान हो जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई सेवा से दोनों क्षेत्रों के बीच व्यापार, शिक्षा, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलेगा। झारखंड के व्यापारी पूर्वोत्तर राज्यों तक तेजी से पहुंच सकेंगे, जबकि विद्यार्थी और नौकरीपेशा लोगों के लिए भी यात्रा आसान होगी। धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच बेहतर होने से पर्यटन उद्योग को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

त्योहारी सीजन, विशेषकर दुर्गापूजा, छठ और अन्य अवकाश के दौरान पूर्वोत्तर भारत जाने वाले यात्रियों को इस सेवा का विशेष लाभ मिलेगा। इसके अलावा संताल परगना क्षेत्र के लोगों के लिए भी यह उड़ान एक नया और सुविधाजनक हवाई विकल्प साबित होगी।

नई उड़ान सेवा शुरू होने से देवघर हवाई अड्डे की कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी और क्षेत्रीय हवाई नेटवर्क का विस्तार होगा। इससे झारखंड के लोगों को देश के विभिन्न हिस्सों से जोड़ने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यात्रियों को उम्मीद है कि भविष्य में इस मार्ग पर उड़ानों की संख्या बढ़ाई जाएगी और अन्य प्रमुख शहरों के लिए भी नई सेवाएं शुरू होंगी। यह पहल झारखंड और पूर्वोत्तर भारत के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करने के साथ-साथ आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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