झारखंड: गुमला जिले में गौरव सिंह हत्याकांड के दो महीने बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से पीड़ित परिवार न्याय के लिए लगातार भटक रहा है। मृतक की मां पदमा देवी ने पुलिस और प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है और आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है।
सदर थाना क्षेत्र के कोयनारा गांव निवासी पदमा देवी मंगलवार को न्याय की उम्मीद में सदर थाना पहुंचीं, लेकिन उन्हें बताया गया कि प्राथमिकी पालकोट थाना में दर्ज है। इसके बाद वे वहां भी पहुंचीं। उनका आरोप है कि अब तक पुलिस केवल आश्वासन दे रही है, जबकि नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। आवेदन के अनुसार, 1 जून की रात गौरव सिंह को गांव के कुछ युवक मेला दिखाने के बहाने घर से ले गए थे, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा। अगले दिन उसका शव सेमरा जंगल में एक पेड़ से लटका मिला। परिजनों का आरोप है कि उसकी हत्या कर शव को आत्महत्या का रूप देने के लिए लटकाया गया।
परिवार का कहना है कि घटना से पहले गौरव सिंह और उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी भी दी गई थी, लेकिन उस समय कोई कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों का यह भी आरोप है कि कुछ संदिग्ध घटना के बाद से गांव छोड़कर फरार हैं, जबकि अन्य आरोपी अब भी क्षेत्र में खुलेआम घूम रहे हैं। मृतक की मां ने बताया कि हत्या के बाद पूरा परिवार दहशत में है और उन्हें लगातार सुरक्षा का डर सता रहा है। उन्होंने प्रशासन से मृतक की पत्नी और छोटे बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही परिवार के लिए सरकारी सहायता और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने की भी अपील की गई है।
पदमा देवी ने कहा कि वह लगातार थाना और प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर काट रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने पुलिस से सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग दोहराई है। यह मामला पुलिस जांच की धीमी गति और पीड़ित परिवार को न्याय मिलने में हो रही देरी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब परिवार की उम्मीदें पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।