Latehar : डिजिटल अरेस्ट के नाम पर धोखाधड़ी, लातेहार में साइबर ठग ने उड़ाए लाखों
Latehar लातेहार : टोरी रेलवे स्टेशन के कर्मचारी को डिजिटल अरेस्ट कर 3.9 लाख रुपए की ठगी करने वाले साइबर अपराधी को लातेहार पुलिस ने राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है. उसके पास से ठगी में उपयोग किया गया मोबाइल भी बरामद किया गया है. आरोपी की पहचान सुरेंद्र खोजा (निंबी जोधा, कुचामन, राजस्थान निवासी) के रूप में हुई है. पुलिस ने उसे मंगलवार को जेल भेज दिया है. डीएसपी मुख्यालय संजीव मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पूरे मामले की जानकारी दी.
परिवार को जेल भेजने की धमकी दे अकाउंट में ट्रांसफर करवाए 3,90,000
पुलिस के अनुसार, 12 दिसंबर 2024 को साइबर ठगों ने पीड़ित रेलवे कर्मचारी रविशंकर केसरी को पहले टेलीकॉम विभाग का अधिकारी बनकर कॉल किया. उन्हें बताया गया कि दिल्ली में उनके नाम से अवैध सिम जारी की गई है, जिसका इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में हो रहा है. इसके बाद उन्हें फर्जी दिल्ली पुलिस और सीबीआई अधिकारियों से जोड़ा गया और कहा गया कि उन पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस भी चल रहा है. इसके बाद पूरे परिवार को 10 मिनट में जेल भेजने की धमकी देकर रविशंकर को डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया. डर से उसने साइबर ठगों के चार अकाउंट में 3,90,000 ट्रांसफर किए.
टेक्निकल सेल और साइबर टीम ने मिलकर राजस्थान से किया गिरफ्तार
इस संबंध में साइबर थाना में कांड संख्या 01/25 दर्ज किया गया था. लातेहार पुलिस की टेक्निकल सेल और साइबर टीम ने मिलकर आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया. डीएसपी ने बताया कि साइबर अपराधी सुरेंद्र खोजा ने 1 लाख रुपए अपने अकाउंट (1102110120073619) में जमा कराए थे. जबकि बाकी 2.9 लाख अन्य तीन खातों में ट्रांसफर कराए गए. इस छापेमारी अभियान में साइबर थाना के एसआई पिंटू कुमार, एएसआई जितेंद्र कुमार और आरक्षी वीरेंद्र पासवान शामिल थे.