Jamshedpur: फर्जी इंजीनियर बनकर नौकरी दिलाने वाले गिरोह का खुलासा, 4 गिरफ्तार

Update: 2025-02-27 12:44 GMT
Jamshedpur  जमशेदपुर : आर्मी में फर्जी चीफ इंजीनियर बनकर लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर देशभर में ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है. एसएसपी किशोर कौशल को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के मास्टरमाइंड समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में बोकारो के आदर्श नगर निवासी मनीष कुमार उर्फ अभय कुमार, दीपराज कुमार भट्टाचार्य उर्फ सोनू, आसनसोल निवासी दिनेश कुमार और मंतोष कुमार महाली शामिल है. पुलिस ने आरोपियों के पास से भारतीय सेना के दो फर्जी आईडी कार्ड, आर्मी का स्टांप, एक बिना नंबर की कार, टॉय गन और आर्मी के फर्जी ज्वाइनिंग लेटर बरामद किए हैं. गुरुवार को एसएसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह जानकारी दी.
अब तक दो करोड़ की ठगी की गई है
एसएसपी किशोर कौशल ने बताया कि रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला बिष्टुपुर थाने में दर्ज हुआ था. पुलिस ने जब इस पर जांच शुरू की तो कुछ संदिग्ध फोन नंबर मिले, जिनके जरिए मुख्य आरोपी मनीष कुमार तक पहुंचा गया. इस गिरोह की गतिविधियों पर आर्मी इंटेलिजेंस भी नजर रख रही थी. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को बोकारो से, एक को आसनसोल से और एक को रांची से गिरफ्तार किया. जांच में पता चला कि 2022 से अब तक इनके बैंक खातों में दो करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है.
फर्जी ट्रेनिंग और ज्वाइनिंग देकर झांसा में लेते थे
एसएसपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपी पहले नौकरी के नाम पर उम्मीदवार से कुल रकम का दस प्रतिशत ऑनलाइन जमा कराते थे. जब फर्जी ज्वाइनिंग लेटर जारी कर दिया जाता, तब बाकी की रकम ली जाती थी. एक ज्वाइनिंग के लिए यह गिरोह चार से पांच लाख रुपये वसूलता था. इतना ही नहीं, आरोपी आसनसोल के रेलवे अस्पताल में फर्जी मेडिकल भी कराते थे. ज्वाइनिंग के दिन वे खुद भी उस कार्यालय में मौजूद रहते थे, जहां अभ्यर्थियों को तैनाती दी जाती थी. इस दौरान उनसे छोटे-मोटे काम भी कराए जाते थे, ताकि उन्हें भरोसा हो जाए कि नौकरी असली है.
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