विशाखापत्तनम। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान 'अर्णब' का असर अब रेल सेवाओं पर भी गंभीर रूप से दिखाई देने लगा है। ओडिशा और आंध्र प्रदेश में लगातार हुई मूसलाधार बारिश के कारण विशाखापत्तनम रेल मंडल के इच्छापुरम और झाडुपूडि रेलवे स्टेशनों के बीच पटरियों पर भारी जलभराव हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने गुरुवार दोपहर करीब 1 बजकर 20 मिनट से इस रेलखंड की अप और डाउन, दोनों लाइनों पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया। यात्री सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पूर्व तट रेलवे ने नौ ट्रेनों को रद्द करने और 14 ट्रेनों के मार्ग बदलने की घोषणा की है। इस फैसले से हावड़ा-चेन्नई रेलमार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है और बड़ी संख्या में यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, चक्रवाती तूफान अर्णब के प्रभाव से ओडिशा के गंजाम जिले में अत्यधिक बारिश हुई है। इसके कारण बहुदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। नदी पर स्थित बाघलाटी जलाशय में भी पानी खतरे के निशान को पार कर गया है। लगातार बढ़ते जलस्तर का सीधा असर इच्छापुरम और झाडुपूडि स्टेशनों के बीच बने रेलवे पुलों पर पड़ा है।
पूर्व तट रेलवे ने बताया कि इस रेलखंड में स्थित पुल संख्या 631/01 और 630/01 पर पानी खतरे के स्तर से ऊपर पहुंच गया है। इसके कारण रेलमार्ग पर ट्रेनों का परिचालन सुरक्षित नहीं रह गया था। ऐसी स्थिति में किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने के लिए रेल सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक पानी का स्तर नीचे नहीं आता और रेलवे की तकनीकी टीम प्रभावित रेलखंड को पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं करती, तब तक सामान्य परिचालन बहाल नहीं किया जाएगा। रेलवे की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है।
चक्रवात के कारण हुई भारी बारिश का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गंजाम जिले के कुछ हिस्सों में लगभग 550 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इतनी अधिक बारिश से नदियों और जलाशयों का जलस्तर अचानक बढ़ गया। कई निचले इलाकों में पानी भर गया है और सड़क तथा रेल संपर्क प्रभावित हुआ है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, प्रभावित रेलखंड हावड़ा-चेन्नई मुख्य रेलमार्ग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में एक्सप्रेस, सुपरफास्ट और यात्री ट्रेनें गुजरती हैं। ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और दक्षिण भारत के कई शहरों को जोड़ने के कारण इस मार्ग का विशेष महत्व है।
रेल सेवाएं रुकने से सबसे अधिक परेशानी उन यात्रियों को हो रही है, जो लंबी दूरी की ट्रेनों से सफर कर रहे थे। कई ट्रेनें प्रभावित रेलखंड के दोनों ओर रोक दी गई हैं। वहीं, कुछ ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाने की व्यवस्था की गई है।
रेलवे की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, रद्द की गई प्रमुख ट्रेनों में भुवनेश्वर-विशाखापत्तनम वंदे भारत एक्सप्रेस, भुवनेश्वर-विशाखापत्तनम इंटरसिटी एक्सप्रेस और भुवनेश्वर-सिकंदराबाद विशाखा एक्सप्रेस शामिल हैं। इसके अलावा ब्रह्मपुर-विशाखापत्तनम पैसेंजर और एक्सप्रेस सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
पूर्व तट रेलवे ने गुरुवार को नौ ट्रेनों को रद्द करने और 14 ट्रेनों को दूसरे मार्गों से संचालित करने का निर्णय लिया। इसके अलावा चक्रवात के कारण दो अन्य ट्रेनों को पहले से रद्द किए जाने की जानकारी भी दी गई है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जांच अवश्य करें।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि कुछ ट्रेनों को निर्धारित गंतव्य तक पहुंचाने के लिए दूसरे मार्गों का उपयोग किया जा रहा है। हालांकि, मार्ग परिवर्तन से यात्रा की दूरी और समय बढ़ सकता है। इसके चलते यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी का सामना करना पड़ सकता है।
प्रभावित यात्रियों के लिए रेलवे प्रशासन ने विशेष सहायता व्यवस्था शुरू की है। जिन स्टेशनों पर ट्रेनें रोकी गई हैं, वहां यात्रियों को भोजन और पीने का पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा अतिरिक्त रेलवे कर्मचारियों की तैनाती की गई है, ताकि यात्रियों को ट्रेनों की स्थिति और आगे की यात्रा से जुड़ी जानकारी मिल सके।
रेलवे प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं में कोई कमी नहीं आने दी जाए। लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रा कर रहे यात्रियों को जरूरत के अनुसार सहायता प्रदान की जा रही है। साथ ही यात्रियों की शिकायतों और समस्याओं के समाधान के लिए कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
ओडिशा सरकार भी रेल सेवाओं के प्रभावित होने की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। राज्य की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने रेलवे अधिकारियों के साथ संपर्क स्थापित कर फंसे यात्रियों के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि जरूरत पड़ने पर यात्रियों को नजदीकी स्टेशनों तक पहुंचाकर भोजन, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पानी कम होने के बाद प्रभावित पटरियों और पुलों की तकनीकी जांच की जाएगी। इस दौरान पटरियों की स्थिति, रेलमार्ग की मजबूती और पुलों की सुरक्षा का आकलन किया जाएगा। सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों की पुष्टि होने के बाद ही इस रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन दोबारा शुरू किया जाएगा।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक माध्यमों से प्राप्त जानकारी पर भरोसा करें। यात्री नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम यानी NTES, रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट और संबंधित रेल मंडल की सूचनाओं के माध्यम से ट्रेनों की वर्तमान स्थिति पता कर सकते हैं।
इस बीच चक्रवात अर्णब के कारण रेल सेवाओं पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए अन्य रेल मंडलों में भी सतर्कता बढ़ाई गई है। चक्रधरपुर रेल मंडल से गुजरने वाली कई ट्रेनों के परिचालन में भी बदलाव किया गया है। रेलवे ने 30 अक्टूबर को इस मंडल से संबंधित 23 ट्रेनों को रद्द करने की जानकारी दी है। इससे स्पष्ट है कि चक्रवात का असर केवल एक रेलखंड तक सीमित नहीं रहा है।
फिलहाल इच्छापुरम और झाडुपूडि के बीच रेल सेवाओं की बहाली पानी कम होने और सुरक्षा जांच पूरी होने पर निर्भर करेगी। पूर्व तट रेलवे की टीमें लगातार स्थिति की निगरानी कर रही हैं। प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और रेलमार्ग पूरी तरह सुरक्षित पाए जाने के बाद ही ट्रेनों को चलाने की अनुमति दी जाएगी।