धनबाद/झरिया। झारखंड के धनबाद जिले के झरिया थाना क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ एक्साइज विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार सुबह राज ग्राउंड इलाके में छापेमारी कर विभाग की टीम ने कथित तौर पर नकली विदेशी शराब बनाने के ठिकाने का भंडाफोड़ किया। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई के दौरान विभिन्न नामी ब्रांडों के नाम पर नकली विदेशी शराब तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की गई है। मौके से एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है, जिससे अधिकारियों द्वारा पूछताछ की जा रही है।

यह कार्रवाई एक्साइज विभाग के सब इंस्पेक्टर दीपक शर्मा के नेतृत्व में की गई। विभाग को सूचना मिली थी कि राज ग्राउंड इलाके में अवैध रूप से विदेशी शराब तैयार करने का काम किया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए विभागीय टीम ने संबंधित ठिकाने पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान मिली सामग्री के आधार पर अधिकारियों को संदेह है कि यहां नामी कंपनियों की शराब के नाम पर नकली उत्पाद तैयार किए जा रहे थे।

गुप्त सूचना पर सुबह-सुबह एक्साइज विभाग की दबिश

मिली जानकारी के अनुसार, एक्साइज विभाग को झरिया के राज ग्राउंड इलाके में अवैध शराब निर्माण की गतिविधियों के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया था कि इलाके के एक ठिकाने पर नामी विदेशी शराब ब्रांडों के नाम का इस्तेमाल करके कथित तौर पर नकली शराब तैयार की जा रही है।

इसके बाद विभाग ने कार्रवाई की योजना बनाई और मंगलवार सुबह सब इंस्पेक्टर दीपक शर्मा के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। संबंधित परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया।

तलाशी के दौरान अधिकारियों को शराब तैयार करने और उसे विभिन्न ब्रांडों के नाम पर प्रस्तुत करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री मिली। विभाग ने इन सामग्रियों को जांच के लिए अपने कब्जे में लिया है।

हालांकि बरामद सामान की पूरी सूची, उसकी मात्रा और अनुमानित कीमत के बारे में अभी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

नामी ब्रांडों के नाम पर नकली शराब तैयार करने का संदेह

छापेमारी में सामने आई प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संबंधित ठिकाने पर विभिन्न प्रसिद्ध विदेशी शराब ब्रांडों के नाम का इस्तेमाल करके नकली शराब तैयार किए जाने का संदेह है।

नकली शराब का कारोबार कई स्तरों पर गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान होने के साथ उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर भी खतरा उत्पन्न हो सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, अवैध रूप से तैयार शराब में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होने की आशंका रहती है। ऐसी शराब में हानिकारक पदार्थ मिलने पर गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

इसी कारण आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब निर्माण, भंडारण और बिक्री के खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई की जाती है।

झरिया में हुई इस छापेमारी के बाद अब यह जांच का विषय है कि बरामद सामग्री का उपयोग किस स्तर पर किया जा रहा था और तैयार उत्पादों की आपूर्ति कहीं की गई थी या नहीं।

मौके से एक व्यक्ति हिरासत में, पूछताछ जारी

छापेमारी के दौरान एक्साइज विभाग की टीम ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। अधिकारियों द्वारा उससे पूछताछ की जा रही है, ताकि संदिग्ध गतिविधियों के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त की जा सके।

फिलहाल हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि वह संबंधित ठिकाने का संचालक था, वहां काम करता था या किसी अन्य रूप में जुड़ा हुआ था।

विभागीय जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा सकती है कि शराब तैयार करने की सामग्री कहां से लाई गई थी और इस गतिविधि में कितने लोग शामिल थे।

हालांकि किसी संगठित गिरोह या व्यापक आपूर्ति नेटवर्क के सक्रिय होने की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

नकली शराब की आपूर्ति के नेटवर्क की जांच जरूरी

राज ग्राउंड में हुई कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि संदिग्ध ठिकाने पर तैयार होने वाली शराब का इस्तेमाल कहां किया जाना था। यदि यहां वास्तव में नकली विदेशी शराब तैयार की जा रही थी, तो जांच में इसकी संभावित बिक्री और आपूर्ति से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आ सकती है।

विभागीय अधिकारियों के लिए यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण होगा कि शराब बनाने में इस्तेमाल की जा रही सामग्री किस माध्यम से संबंधित ठिकाने तक पहुंची।

इसके अलावा यह भी जांच का विषय हो सकता है कि इस गतिविधि को कितने समय से अंजाम दिया जा रहा था। फिलहाल इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।

पहले भी झरिया में सामने आ चुके हैं नकली शराब के मामले

झरिया क्षेत्र में अवैध शराब से संबंधित कार्रवाई का यह पहला मामला नहीं है। जनवरी 2022 में भी राज ग्राउंड स्थित कृषि बाजार समिति परिसर के एक गोदाम से पुलिस ने नकली विदेशी शराब और उसे तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की थी। उस कार्रवाई के दौरान शराब की बोतलें, रैपर, ढक्कन और अन्य सामान जब्त किए गए थे।

जुलाई 2025 में झरिया के भागा दो नंबर इलाके में भी पुलिस ने नकली विदेशी शराब बनाने के एक ठिकाने का खुलासा किया था। वहां से तैयार शराब, पैकिंग मशीन और अन्य सामग्री बरामद होने की खबर सामने आई थी।

हालांकि इन पुराने मामलों और मंगलवार को राज ग्राउंड में हुई कार्रवाई के बीच किसी प्रकार का संबंध होने की पुष्टि नहीं हुई है।

नकली शराब से स्वास्थ्य और राजस्व दोनों को खतरा

अवैध रूप से तैयार शराब का कारोबार कानून-व्यवस्था के साथ जनस्वास्थ्य के लिए भी चुनौती है। बिना निर्धारित मानकों के तैयार किए गए मादक पेय में हानिकारक रसायन होने की आशंका रहती है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, मिलावटी शराब के सेवन से गंभीर विषाक्तता, आंखों की रोशनी प्रभावित होने और जान जाने तक का खतरा हो सकता है। हालांकि झरिया में बरामद सामग्री में किसी विशेष जहरीले रसायन की मौजूदगी अभी प्रमाणित नहीं हुई है।

नकली ब्रांडिंग के जरिए शराब बेचे जाने की स्थिति में उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी होने और सरकार को आबकारी राजस्व का नुकसान पहुंचने की भी आशंका रहती है।

जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई होगी स्पष्ट

राज ग्राउंड में छापेमारी के बाद एक्साइज विभाग की जांच जारी है। अधिकारियों के सामने अब बरामद सामग्री की पहचान, उसके उपयोग और संभावित अवैध कारोबार की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की चुनौती है।

हिरासत में लिए गए व्यक्ति से पूछताछ के आधार पर विभाग को आगे की जानकारी मिल सकती है। हालांकि अभी उसके खिलाफ औपचारिक गिरफ्तारी, प्राथमिकी या किसी विशेष कानूनी धारा के तहत कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है।

फिलहाल इस छापेमारी से झरिया में कथित नकली विदेशी शराब निर्माण की गतिविधि सामने आई है। आगे की जांच से स्पष्ट होगा कि इस ठिकाने का संचालन किसके द्वारा किया जा रहा था और इसमें अन्य लोगों की संलिप्तता थी या नहीं।

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