Palamu : पलामू प्रमंडल के गढ़वा जिले के भंडरिया थाना क्षेत्र में रमकंडा-गोदरमाना-मेदिनीनगर पथ पर बैरिया चौक तीन महीने पहले सड़क दुर्घटना में हुई एक गर्भवती महिला की मौत मामला हत्या साबित हो गया है. पुलिस ने इस सिलसिले में महिला के पति और उसके भाई को हत्यारा करार दिया है. बताते चलें कि 23 मार्च की शाम बैरिया चौक बाइक एक्सीडेंट में मनीता देवी (24वर्ष) नामक महिला की मौत हो गयी थी. महिला का ससुराल छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रामानुजगंज के देवीगंज में है. मनीता 23 मार्च को अपने पति धर्मेंद्र पाल (32वर्ष) के साथ इलाज कराने के लिए मेदिनीनगर-(डालटनगंज) आई थी. यहां से अल्ट्रासाउंड कराकर लौट रही थी. इसी बीच सड़क दुर्घटना में उसकी मौत हो गयी थी, जबकि उसका पति बेहोश पाया गया था.

मामले में अनुसंधान के दौरान पुलिस ने दुर्घटना को हत्या पाया. छानबीन में सामने आया कि धर्मेंद्र पाल ने अपने भाई उपेंद्र पाल (27वर्ष) के साथ मिलकर अपनी पत्नी मनीता देवी की हत्या कर दी थी और उसे दुर्घटना का रूप दे दिया था. दोनों को गिरफ्तार किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. साथ ही उनकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल हुई पिकअप एवं मोबाइल को जब्त किया गया है.
जानकारी के अनुसार 23 मार्च की रात हुई इस घटना को शुरुआत में लोग दुर्घटना मान कर चल रहे थे. मनीता देवी को मौके पर मृत पाया गया था, जबकि धर्मेंद्र पाल को बेहोशी की हालत में भंडरिया स्वास्थ्य केंद्र भर्ती कराया गया था.
उस समय बताया गया था कि धर्मेंद्र पाल पत्नी के साथ लौट रहा था, सामने से आ रहे वाहन की लाइट से उसकी आंखें चौंधिया गयी थी तथा मोटरसाइकिल दुर्घटनाग्रस्त हो गयी थी. दुर्घटना में उसकी गर्भवती पत्नी की मौत घटनास्थल पर ही हो गयी, जबकि चोट लगने से धर्मेंद्र पाल रातभर सड़क पर ही पड़ा रहा था.
घटना के अगले दिन इसकी जानकारी स्थानीय लोग और पुलिस को हुई थी. मनीता देवी का मायका गढ़वा जिले के मेराल थाना क्षेत्र के पेंद्री गांव में है. मनीता की शादी 1 वर्ष पूर्व धर्मेंद्र पाल से हुई थी.
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