हेमंत सोरेन की मां के संस्कार भोज में उमड़ा जनसैलाब, बाबा रामदेव ने दी श्रद्धांजलि
रामगढ़। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता और दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन की धर्मपत्नी रूपी सोरेन के संस्कार भोज में रविवार को उनके पैतृक गांव नेमरा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों लोग दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि देने और संस्कार भोज में शामिल होने पहुंचे। आयोजन स्थल से करीब पांच किलोमीटर दूर तक लोगों की आवाजाही बनी रही। बड़ी संख्या में श्रद्धांजलि देने आए लोग कतारों में पैदल चलते हुए गांव पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं आगंतुकों के बीच घूम-घूमकर उनसे मुलाकात करते रहे और सभी से भरपेट प्रसाद ग्रहण करने का आग्रह किया। कार्यक्रम में योग गुरु बाबा रामदेव भी हेलीकॉप्टर से नेमरा पहुंचे। उन्होंने दिवंगत रूपी सोरेन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की।
नेमरा में सुबह से पहुंचने लगे हजारों लोग
रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड स्थित नेमरा गांव में रविवार को संस्कार भोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सुबह से ही लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था।
गांव की ओर जाने वाले रास्तों पर बड़ी संख्या में लोग पैदल चलते दिखाई दिए। आयोजन स्थल से कई किलोमीटर दूर वाहनों की पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों के साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
संस्कार भोज में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति को देखते हुए व्यापक तैयारियां की गई थीं। आगंतुकों के बैठने और भोजन ग्रहण करने के लिए विशेष पंडाल बनाए गए थे।
मुख्यमंत्री ने खुद संभाली मेहमानों की व्यवस्था
संस्कार भोज के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लगातार आगंतुकों के बीच मौजूद रहे।
उन्होंने आम नागरिकों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने लोगों से आग्रह किया कि वे बिना भोजन किए वापस न लौटें।
जो लोग वृद्धावस्था या शारीरिक परेशानी के कारण चलने में असमर्थ दिखाई दिए, उन्हें भोज स्थल तक पहुंचाने में सहयोग की व्यवस्था कराई गई।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने अतिथियों के स्वागत और भोजन व्यवस्था पर भी नजर रखी।
कार्यक्रम में आम नागरिकों और विशिष्ट अतिथियों की बड़ी संख्या के बावजूद मुख्यमंत्री सभी से मिलने का प्रयास करते रहे।
हेलीकॉप्टर से नेमरा पहुंचे बाबा रामदेव
संस्कार भोज में शामिल होने के लिए योग गुरु बाबा रामदेव भी रविवार को हेलीकॉप्टर से नेमरा पहुंचे।
उन्होंने दिवंगत रूपी सोरेन के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
इसके बाद बाबा रामदेव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की।
उन्होंने कल्पना मुर्मू सोरेन, सीता सोरेन और अंजली मरांडी सहित परिवार के सदस्यों से बातचीत कर संवेदनाएं व्यक्त कीं।
इस दौरान बाबा रामदेव ने दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन के साथ अपने पुराने मित्रवत संबंधों को भी याद किया।
उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी लंबी बातचीत की और परिवार को दुख की इस घड़ी में धैर्य बनाए रखने का संदेश दिया।
शिबू सोरेन से पुराने संबंधों को किया याद
बाबा रामदेव ने संस्कार भोज के दौरान दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन के साथ अपने संबंधों का स्मरण किया।
शिबू सोरेन झारखंड के प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक नेताओं में शामिल रहे हैं। झारखंड राज्य आंदोलन और आदिवासी समाज के अधिकारों की लड़ाई में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।
उनकी धर्मपत्नी रूपी सोरेन भी परिवार के सामाजिक और राजनीतिक सफर की महत्वपूर्ण सदस्य थीं।
बाबा रामदेव ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि दी।
परिवार ने निभाईं पारंपरिक रस्में
संस्कार भोज से एक दिन पहले शनिवार, 17 अक्टूबर को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी माता का दशकर्म संस्कार पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न किया था।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपने दोनों बेटों के साथ मुंडन कराया और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
दशकर्म के दौरान मुख्यमंत्री अपनी माता और पिता को याद कर भावुक हो गए थे।
उन्होंने कहा था कि उनके माता-पिता ने जीवनभर संघर्ष किया और परिवार को आगे बढ़ाने के लिए कठिन परिस्थितियों का सामना किया
संस्कार भोज का आयोजन इन्हीं पारंपरिक अनुष्ठानों की अगली कड़ी के रूप में किया गया।
राज्यसभा सदस्य सहित कई जनप्रतिनिधि पहुंचे
कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य वैद्यनाथ राम सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।
राज्य के अलग-अलग जिलों से राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी नेमरा पहुंचे।
आगंतुकों ने दिवंगत रूपी सोरेन के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और मुख्यमंत्री सहित परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
कार्यक्रम में आम ग्रामीणों की भी बड़ी संख्या रही। विभिन्न समुदायों और सामाजिक वर्गों के लोगों ने संस्कार भोज में भाग लिया।
चार बड़े पंडालों में भोजन की व्यवस्था
संस्कार भोज के लिए नेमरा में बड़े स्तर पर व्यवस्थाएं की गई थीं।
आगंतुकों के भोजन के लिए चार बड़े पंडाल तैयार किए गए थे। साथ ही दूर-दराज से आने वाले लोगों के आवागमन के लिए वाहनों की व्यवस्था की गई थी।
आयोजन में भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया था।
पुलिस प्रशासन ने गांव और आसपास के क्षेत्रों को अलग-अलग सुरक्षा जोन में बांटकर निगरानी की व्यवस्था की।
विशिष्ट अतिथियों के आगमन के लिए हेलीपैड भी तैयार किए गए थे।
आयोजन से पहले लाखों लोगों के शामिल होने का अनुमान व्यक्त किया गया था। हालांकि, वास्तविक उपस्थिति का अंतिम आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
बड़ी संख्या में तैनात रहे पुलिसकर्मी
संस्कार भोज में आने वाले अतिथियों की संख्या को देखते हुए रामगढ़ जिला प्रशासन ने विशेष सुरक्षा प्रबंध किए।
रिपोर्टों के अनुसार, आयोजन के लिए करीब 100 सुरक्षा पोस्ट बनाए गए थे। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी।
वाहनों की पार्किंग, भीड़ प्रबंधन और आगंतुकों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की गईं।
विशिष्ट अतिथियों के हेलीकॉप्टर से पहुंचने की संभावना को ध्यान में रखते हुए हेलीपैड के आसपास भी सुरक्षा इंतजाम किए गए थे।
नेमरा में दिखी सामाजिक एकजुटता
संस्कार भोज के दौरान नेमरा गांव में सामाजिक एकजुटता का दृश्य देखने को मिला।
आर्थिक और सामाजिक पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी आगंतुकों से समान आत्मीयता के साथ मुलाकात करने और भोजन ग्रहण करने का आग्रह किया।
ग्रामीण परिवेश में आयोजित इस संस्कार भोज में पारंपरिक रीति-रिवाजों और सामुदायिक सहभागिता को विशेष महत्व दिया गया।
मां की स्मृतियों के बीच भावुक रहे मुख्यमंत्री
माता रूपी सोरेन के निधन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पिछले कई दिनों से अपने पैतृक गांव नेमरा में धार्मिक और पारिवारिक अनुष्ठानों में भाग ले रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने अपनी माता और पिता के संघर्षों को याद करते हुए भावनाएं भी व्यक्त की थीं।
रविवार को संस्कार भोज में मुख्यमंत्री ने स्वयं व्यवस्थाओं को संभालते हुए आगंतुकों का स्वागत किया।
बाबा रामदेव सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों और हजारों आम नागरिकों ने दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की।
नेमरा में आयोजित यह संस्कार भोज शोक संवेदना, पारिवारिक परंपराओं और सामुदायिक सहभागिता का अवसर बना।