कम लागत में ज्यादा Profit का गुरुमंत्र

Update: 2026-07-04 09:36 GMT
Jharkhand झारखंड : झारखंड के चास प्रखंड के परसाबेड़ा गांव के किसान शरद महतो ने पारंपरिक धान की खेती छोड़कर आधुनिक तकनीक और सब्जी उत्पादन के जरिए सफलता की नई मिसाल पेश की है। सीमित आमदनी और लगातार बढ़ती लागत से परेशान शरद ने अब स्मार्ट खेती का रास्ता अपनाया है, जिससे उनकी आय में बड़ा बदलाव आया है।
शरद महतो ने यूट्यूब और अन्य सफल किसानों से प्रेरणा लेकर खेती के नए तरीके अपनाए। उन्होंने धान की खेती को छोड़कर सब्जी उत्पादन की ओर कदम बढ़ाया और अपनी एक एकड़ जमीन पर मचान विधि से नैनुआ (तोरई) की खेती शुरू की। यह निर्णय उनके लिए काफी लाभकारी साबित हुआ।
अप्रैल महीने में बोई गई नैनुआ की फसल मात्र 50 से 60 दिनों में तैयार हो गई। इस फसल की खासियत यह है कि पहली तुड़ाई के बाद भी लगभग दो महीने तक लगातार उत्पादन मिलता रहता है, जिससे किसानों को नियमित आय का स्रोत बना रहता है। शरद महतो के अनुसार, इस खेती में उन्हें न केवल कम समय में उत्पादन मिला, बल्कि बाजार में अच्छी कीमत भी प्राप्त हुई।
उन्होंने बताया कि एक एकड़ में नैनुआ की खेती पर लगभग 15 हजार रुपये की लागत आई। इसमें बीज, खाद, सिंचाई और देखभाल का खर्च शामिल है। वहीं उत्पादन की बात करें तो एक सीजन में लगभग 60 क्विंटल तक नैनुआ का उत्पादन हुआ। यह उत्पादन स्थानीय बाजार और मंडी में अच्छे दामों पर बेचा गया।
बोकारो के सेक्टर-5 मंडी में नैनुआ का थोक भाव 25 से 30 रुपये प्रति किलो तक मिल रहा है। इस हिसाब से शरद महतो को कुल मिलाकर लगभग 1.35 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ है। कम लागत में इतनी अधिक कमाई ने उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है।
शरद महतो का कहना है कि खेती में सफलता के लिए सही तकनीक, समय पर सिंचाई और कीट प्रबंधन बेहद जरूरी है। उन्होंने अन्य किसानों को भी पारंपरिक खेती के साथ-साथ सब्जी उत्पादन और मचान विधि जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने की सलाह दी है।
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