झारखंड: कथित जेपीएससी भर्ती घोटाले और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अब इस मुद्दे को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पर हमला तेज कर दिया है। गोड्डा से भाजपा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने जेपीएससी की भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जेपीएससी यानी झारखंड लोक सेवा आयोग से जुड़ी परीक्षाओं में अनियमितताओं का मुद्दा पिछले कुछ समय से चर्चा में रहा है। भाजपा का आरोप है कि राज्य में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी रही है और इससे लाखों युवाओं के भविष्य पर असर पड़ा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि परीक्षा संचालन में जिन कंपनियों और एजेंसियों की भूमिका रही, उनकी भी जांच होनी चाहिए।
गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर हेमंत सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जेपीएससी भर्ती घोटाला झारखंड की भर्ती व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसी कथित रूप से काली सूची में शामिल कंपनी को परीक्षा कराने की जिम्मेदारी किसके दबाव में दी गई। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।
निशिकांत दुबे ने कहा कि अगर सीआईडी जांच में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं तो इसकी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी राज्य सरकार को लेनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि झारखंड के युवाओं को भ्रष्टाचार मुक्त और निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था चाहिए।
भाजपा सांसद ने यह भी कहा कि हाल के वर्षों में जेपीएससी और इससे जुड़ी कई परीक्षाएं विवादों में रही हैं। ऐसे में सभी मामलों की उच्च स्तरीय जांच जरूरी है, ताकि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी छात्रों के साथ अन्याय है, क्योंकि युवा वर्षों तक मेहनत कर सरकारी नौकरी की तैयारी करते हैं।
वहीं, भाजपा गोड्डा जिलाध्यक्ष लक्ष्मी चक्रवर्ती ने भी राज्य सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जेपीएससी, सीजीएल और अन्य परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब छात्र अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतर रहे हैं तो सरकार को जवाब देना चाहिए।
लक्ष्मी चक्रवर्ती ने कहा कि पूर्व में भी जेपीएससी से जुड़ी कई परीक्षाओं को लेकर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सीआईडी जांच केवल औपचारिकता बनकर रह गई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि दोषियों और उन्हें संरक्षण देने वालों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व विधायक अमित कुमार मंडल ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को युवाओं को जवाब देना चाहिए कि कथित रूप से ब्लैक लिस्टेड कंपनी को परीक्षा कराने का काम कैसे दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के कारण मेहनत करने वाले छात्रों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
अमित मंडल ने कहा कि सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले छात्र दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन परीक्षा में गड़बड़ी होने से उनका विश्वास टूटता है। उन्होंने मांग की कि भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।
हालांकि, सत्तारूढ़ दल ने भाजपा के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। सरकार पक्ष का कहना है कि विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दे उठा रहा है। वहीं भाजपा का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में राजनीति नहीं बल्कि जवाबदेही जरूरी है।
फिलहाल जेपीएससी भर्ती घोटाले का मामला झारखंड की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में जांच और सरकार की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।