झारखंड : हजारीबाग जिले में शनिवार देर रात कोयला परिवहन कर रहे एक हाईवा वाहन पर अज्ञात अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दहशत फैला दी। घटना बड़कागांव-हजारीबाग मुख्य मार्ग पर स्थित 13 माइल के पास हुई, जहां एनटीपीसी के लिए कोयला लेकर जा रहे हाईवा को निशाना बनाया गया। फायरिंग के बाद इलाके में भय का माहौल बन गया।

जानकारी के अनुसार, शनिवार देर रात कोयला परिवहन में लगे एक हाईवा वाहन पर अज्ञात अपराधियों ने अचानक हमला कर दिया। अपराधियों ने वाहन पर चार राउंड गोलियां चलाईं। गोलीबारी की आवाज सुनकर आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना को अंजाम देने के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए।

वारदात के बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने घटनास्थल से संबंधित साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया है और आसपास के इलाकों में जानकारी एकत्र की जा रही है।

मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आई है कि अपराधी मौके पर कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के नाम का एक पर्चा छोड़कर गए हैं। इस पर्चे के मिलने के बाद पुलिस कई संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के पीछे वास्तव में कौन लोग शामिल हैं और क्या इसका संबंध किसी आपराधिक गिरोह से है।

अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल घटना की जांच सभी कोणों से की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फायरिंग का उद्देश्य क्या था और क्या इसके पीछे कोयला परिवहन से जुड़ा कोई विवाद या रंगदारी जैसी वजह हो सकती है।

एनटीपीसी के लिए कोयला परिवहन करने वाले वाहनों को पहले भी कई बार अपराधियों द्वारा निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों में अपराधी अक्सर डर का माहौल बनाकर अपनी मांगें मनवाने की कोशिश करते हैं। हालांकि, इस घटना के पीछे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

घटना के बाद कोयला परिवहन से जुड़े लोगों में भी चिंता बढ़ गई है। वाहन चालकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्य मार्ग पर इस तरह की फायरिंग से सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने प्रशासन से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान पुलिस इलाके में लगे संभावित सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल सकती है, ताकि अपराधियों तक पहुंचा जा सके।

हजारीबाग जिले में कोयला परिवहन उद्योग से जुड़े मार्गों की सुरक्षा प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण विषय रहा है। बड़ी संख्या में कोयला लदे वाहन इन रास्तों से गुजरते हैं, ऐसे में किसी भी आपराधिक गतिविधि का असर परिवहन व्यवस्था पर पड़ सकता है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी आपराधिक गिरोह द्वारा डर का माहौल बनाने की कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। मामले में मिले पर्चे और अन्य सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

फिलहाल पुलिस ने क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है और अपराधियों की तलाश शुरू कर दी गई है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में डर जरूर है, लेकिन पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।

इस फायरिंग की घटना ने एक बार फिर हजारीबाग में कोयला परिवहन से जुड़े इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज कर दी है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पर है।

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