Jharkhand झारखंड : दुमका जिले में जिला खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी डॉ. राजशेखर अपने कार्य और जीवनशैली को लेकर चर्चा में हैं। जून 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले डॉ. राजशेखर इन दिनों अपने दुधानी स्थित आवास से समाहरणालय भवन स्थित कार्यालय तक साइकिल से अप-डाउन कर रहे हैं।
सेवानिवृत्ति के करीब पहुंचने के बावजूद उनकी यह सादगी और पर्यावरण के प्रति जागरूकता लोगों के बीच एक अलग संदेश दे रही है। डॉ. राजशेखर ने सार्वजनिक रूप से बताया कि वे पेट्रोलियम पदार्थों की बचत और देशहित में ऊर्जा संरक्षण के संदेश को आगे बढ़ाने के लिए साइकिल का उपयोग कर रहे हैं।
उन्होंने इस पहल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील से भी जोड़ा, जिसमें देशवासियों से ईंधन की बचत और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की बात कही गई थी। डॉ. राजशेखर का कहना है कि हर नागरिक को देशहित में सजग और जिम्मेदार बनकर योगदान देना चाहिए।
डॉ. राजशेखर ने बताया कि साइकिल चलाने का उनका शौक नया नहीं है, बल्कि यह उनकी जीवनशैली का हिस्सा रहा है। वे लंबे समय से छोटे-मोटे कार्यों जैसे दफ्तर जाना, बाजार जाना और अन्य दैनिक जरूरतों के लिए साइकिल का ही उपयोग करते आ रहे हैं।
उनकी यह आदत न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती है, बल्कि आम लोगों को भी सरल और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करती है। कार्यालय तक साइकिल से आने-जाने की यह पहल अब चर्चा का विषय बन गई है और कई लोग इसे एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में देख रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा इस तरह का व्यवहार अपनाना समाज में जागरूकता फैलाने का काम करता है। इससे यह संदेश जाता है कि बड़े पदों पर बैठे लोग भी साधारण जीवनशैली अपनाकर समाज को दिशा दे सकते हैं।
डॉ. राजशेखर की यह पहल ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण के व्यापक उद्देश्य से भी जुड़ी हुई है। बढ़ते प्रदूषण और ईंधन की खपत के बीच उनका यह कदम लोगों को सोचने पर मजबूर करता है कि छोटे बदलाव भी बड़े प्रभाव डाल सकते हैं।
फिलहाल उनकी यह साइकिल यात्रा दुमका में चर्चा का विषय बनी हुई है और कई लोग इसे प्रेरणादायक कदम मान रहे हैं।