रांची। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान 'अर्णब' के प्रभाव से गुरुवार को झारखंड की राजधानी रांची में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। बारिश और तेज हवाओं के कारण आम जनजीवन के साथ हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुईं। खराब मौसम का सबसे अधिक असर बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर देखने को मिला, जहां कोलकाता से रांची आने वाले इंडिगो के विमान संख्या 6E 7463 को लैंडिंग में परेशानी का सामना करना पड़ा। विमान के करीब 20 मिनट तक आसमान में चक्कर काटने की जानकारी सामने आई है। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण विमान अपने निर्धारित समय पर नहीं उतर सका, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई। उड़ान संबंधी उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, विमान अंततः रांची एयरपोर्ट पर उतर गया, लेकिन इसके आगमन में दो घंटे से अधिक की देरी दर्ज की गई।
जानकारी के अनुसार, इंडिगो की उड़ान संख्या 6E 7463 गुरुवार को कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से रांची के लिए रवाना हुई थी। उड़ान का निर्धारित प्रस्थान समय सुबह 10 बजकर 25 मिनट था, जबकि इसे रांची एयरपोर्ट पर सुबह 11 बजकर 45 मिनट पर पहुंचना था। हालांकि, विमान कोलकाता से सुबह 11 बजकर एक मिनट पर रवाना हुआ और रांची पहुंचने में भी देरी हुई।
फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट के रिकॉर्ड के अनुसार, विमान दोपहर करीब 2 बजकर एक मिनट पर रांची एयरपोर्ट पहुंचा। इस तरह निर्धारित आगमन समय की तुलना में करीब दो घंटे 16 मिनट की देरी दर्ज की गई। हालांकि, विमान के आसमान में कितनी देर तक चक्कर काटने और लैंडिंग के प्रयासों का आधिकारिक विवरण अलग से उपलब्ध नहीं हुआ है।
गुरुवार को राजधानी रांची सहित झारखंड के कई जिलों में चक्रवाती तूफान अर्णब का प्रभाव देखने को मिला। मौसम विभाग ने पहले ही राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की थी। रांची में भी बादल छाए रहने और बारिश के कारण मौसम की स्थिति प्रभावित रही। ऐसे मौसम में विमान संचालन के दौरान विशेष सतर्कता बरतनी पड़ती है।
विमानन क्षेत्र के जानकारों के अनुसार, तेज हवा, कम दृश्यता और बारिश जैसी परिस्थितियां विमान की लैंडिंग को प्रभावित कर सकती हैं। यदि विमान के उतरने के समय मौसम निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं होता, तो पायलट एयर ट्रैफिक कंट्रोल के निर्देशों के अनुसार विमान को कुछ समय तक हवा में बनाए रख सकते हैं। जरूरत पड़ने पर विमान को दूसरे हवाई अड्डे की ओर भी भेजा जा सकता है। हालांकि, इंडिगो की इस विशेष उड़ान के संबंध में ऐसी किसी डायवर्जन की पुष्टि नहीं हुई है।
इधर, चक्रवात अर्णब ने केवल रांची ही नहीं, बल्कि पूर्वी भारत के अन्य हवाई अड्डों पर भी विमान संचालन को प्रभावित किया है। बुधवार को कोलकाता से आने-जाने वाली इंडिगो की पांच उड़ानें खराब मौसम के कारण रद्द कर दी गई थीं। इनमें भुवनेश्वर, विशाखापत्तनम और रांची से कोलकाता आने वाली तीन उड़ानें तथा कोलकाता से विशाखापत्तनम और रांची जाने वाली दो उड़ानें शामिल थीं।
कोलकाता एयरपोर्ट के अधिकारियों के अनुसार, चक्रवात के कारण हवाई मार्गों पर भी बदलाव करना पड़ा। बंगाल की
खाड़ी
के ऊपर खराब मौसम की वजह से कोलकाता और पोर्ट ब्लेयर के बीच संचालित कुछ विमानों को लंबा रास्ता अपनाना पड़ा। इसी तरह दक्षिण-पूर्व एशिया और खाड़ी देशों के बीच उड़ान भरने वाले विमानों के मार्गों में भी आवश्यक बदलाव किए गए।
कुछ घरेलू विमानों को नागपुर और रायपुर के बीच वाले हवाई क्षेत्र से होकर गुजारा गया, ताकि चक्रवात से प्रभावित इलाकों से बचा जा सके। इन बदलावों का असर उड़ानों की अवधि और निर्धारित समय पर पड़ सकता है। यात्रियों को ऐसी परिस्थितियों में उड़ान संबंधी अद्यतन जानकारी प्राप्त करते रहने की आवश्यकता होती है।
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती तूफान अर्णब के प्रभाव से झारखंड में 28 और 29 अक्टूबर को विभिन्न स्थानों पर बारिश तथा तेज हवाओं की संभावना जताई गई थी। राज्य के कुछ क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका भी व्यक्त की गई थी। मौसम वैज्ञानिकों ने 30 अक्टूबर से मौसम में धीरे-धीरे सुधार होने के संकेत दिए हैं। हालांकि, स्थानीय स्तर पर बारिश और बादलों की स्थिति को देखते हुए पूर्वानुमान में बदलाव संभव है।
चक्रवाती तूफान के कमजोर होने के बावजूद उससे जुड़ी नमी और बादलों का असर कुछ समय तक बना रह सकता है। यही कारण है कि किसी चक्रवात की तीव्रता कम होने के बाद भी प्रभावित क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां तत्काल समाप्त नहीं होतीं। मौसम की ऐसी परिस्थितियां हवाई सेवाओं के अलावा सड़क परिवहन और अन्य दैनिक गतिविधियों को भी प्रभावित कर सकती हैं।
विमान यात्रियों के लिए सबसे बड़ी परेशानी उड़ानों में देरी और कार्यक्रमों में अचानक होने वाले बदलाव हैं। कई यात्री व्यावसायिक कार्यों, चिकित्सा संबंधी जरूरतों और पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए हवाई यात्रा करते हैं। ऐसे में निर्धारित समय से अधिक देरी होने पर उनकी आगे की यात्रा और अन्य योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को सलाह दी जाती है कि खराब मौसम के दौरान एयरपोर्ट रवाना होने से पहले संबंधित एयरलाइन की वेबसाइट या मोबाइल एप्लिकेशन पर अपनी उड़ान की वास्तविक स्थिति की जांच कर लें। इसके अलावा एयरलाइन से मिलने वाले संदेशों और सूचनाओं पर भी ध्यान देना चाहिए।
फिलहाल इंडिगो की कोलकाता-रांची उड़ान संख्या 6E 7463 के गुरुवार को देरी से पहुंचने की पुष्टि हुई है। विमान निर्धारित समय से करीब दो घंटे 16 मिनट विलंब से रांची पहुंचा। राहत की बात यह रही कि उड़ान के सुरक्षित उतरने का रिकॉर्ड उपलब्ध है। दूसरी ओर, चक्रवात अर्णब के कारण प्रभावित हवाई सेवाओं पर मौसम की स्थिति के अनुसार आगे भी नजर रखना जरूरी होगा।
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