धनबाद। झारखंड के धनबाद स्थित बीसीसीएल (BCCL) क्षेत्र में अवैध कोयला चोरी और कोल लीकेज के मामले में सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवालों के बीच बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। मामले में सीआईएसएफ के उप कमांडेंट पी. अक्षय शिवजी राव का धनबाद से तमिलनाडु तबादला कर दिया गया है। उन्हें रिजर्व बटालियन शिवगंगा इकाई में भेजा गया है।
जानकारी के अनुसार, बीसीएल धनबाद क्षेत्र में लंबे समय से अवैध तरीके से कोयला चोरी और कारोबार की शिकायतें सामने आ रही थीं। इसको लेकर सीआईएसएफ मुख्यालय ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई। जांच के बाद प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए उप कमांडेंट पी. अक्षय शिवजी राव के स्थानांतरण का आदेश जारी किया गया।
सीआईएसएफ मुख्यालय की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, पी. अक्षय शिवजी राव को तत्काल प्रभाव से तमिलनाडु के शिवगंगा स्थित रिजर्व बटालियन में कार्यभार ग्रहण करने को कहा गया है। इस कार्रवाई को धनबाद में अवैध कोयला चोरी रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है।
बीसीसीएल क्षेत्र में कोयला चोरी की गतिविधियां लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई हैं। अवैध कोयला कारोबार के कारण कोल कंपनियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। साथ ही सुरक्षा में तैनात अधिकारियों और जवानों की भूमिका पर भी सवाल खड़े होते रहे हैं।
इससे पहले भी अवैध कोयला चोरी को लेकर कई स्थानों पर कार्रवाई की जा चुकी है। सीआईएसएफ के डीआईजी राजीव मिश्र के नेतृत्व में धनबाद क्षेत्र में कोयला चोरी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, कोयला चोरी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। कोयला क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, संदिग्ध वाहनों की जांच और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए विशेष निगरानी की जा रही है।
अवैध कोयला कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कोयला चोरी के इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं और किन स्तरों पर लापरवाही हुई।
धनबाद देश के प्रमुख कोयला उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है, जहां बीसीसीएल की कई खदानें संचालित होती हैं। ऐसे में कोयले की सुरक्षा और अवैध कारोबार पर रोक लगाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि कोयला चोरी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।