कोडरमा: झारखंड के कोडरमा जिले में करम पर्व के बाद करम डाल विसर्जन के लिए नदी पहुंचे ग्रामीणों पर अचानक भंवरों के झुंड ने हमला कर दिया। इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। भंवरों के हमले में बच्चों समेत दर्जनों ग्रामीण घायल हो गए। अचानक हुए हमले से बचने के लिए लोग इधर-उधर भागने लगे और किसी तरह सुरक्षित स्थान तक पहुंचे। करम पर्व संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण परंपरा के अनुसार करम डाल का विसर्जन करने नदी की ओर गए थे। इनमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे भी शामिल थे। धार्मिक उत्साह के बीच लोग विसर्जन की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक आसपास मौजूद भंवरों के झुंड ने लोगों पर हमला कर दिया।
भंवरों के हमले से मची भगदड़
भंवरों के अचानक हमले से मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। ग्रामीण खुद को बचाने के लिए नदी किनारे से भागने लगे। इस दौरान बच्चों और महिलाओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कोशिश की गई। कई लोगों को भंवरों ने एक से अधिक बार डंक मारा, जिससे उन्हें तेज दर्द और सूजन की शिकायत होने लगी। घटना के बाद घायल ग्रामीणों को इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र और अस्पताल ले जाया गया। बच्चों को भी चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। घटना की खबर आसपास के इलाकों में पहुंचते ही बड़ी संख्या में लोग घायलों की जानकारी लेने पहुंचे।
बच्चों समेत दर्जनों ग्रामीण घायल
बताया जा रहा है कि इस घटना में दर्जनों लोग प्रभावित हुए हैं। घायलों में कई बच्चे भी शामिल हैं। कुछ लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया, जबकि अधिक परेशानी वाले लोगों का इलाज जारी रहा। भंवरों के डंक से प्रभावित लोगों की स्थिति पर चिकित्सकों ने नजर रखी।
करम पर्व के बाद होता है डाल का विसर्जन
झारखंड में करम पर्व आदिवासी और स्थानीय समुदायों का प्रमुख त्योहार है। इसमें करम वृक्ष की डाल की पूजा की जाती है। पूजा और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के बाद करम डाल को नदी या अन्य जलस्रोत में विसर्जित करने की परंपरा है।
इसी परंपरा को निभाने के लिए कोडरमा में ग्रामीण नदी पहुंचे थे, लेकिन भंवरों के अचानक हमले ने उत्सव के माहौल को अफरा-तफरी में बदल दिया। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल रहा। स्थानीय लोगों ने धार्मिक आयोजनों के दौरान नदी और आसपास के इलाकों में मधुमक्खियों या भंवरों के छत्तों को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत बताई है।
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