Jharkhand: दुमका जिले के बासुकिनाथ क्षेत्र में बाल श्रम के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. श्रम विभाग, पुलिस और सामाजिक संस्थाओं की संयुक्त टीम ने होटल, ढाबों और दुकानों की जांच कर चार बाल श्रमिकों को काम से मुक्त कराया. इस दौरान लोगों को बाल श्रम कानून और बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक भी किया गया.
संयुक्त टीम ने चलाया जांच अभियान
अभियान का नेतृत्व श्रम अधीक्षक सूरज कुमार हांसदा ने किया. इसमें श्रम विभाग, पुलिस प्रशासन, चाइल्डलाइन, नीति आयोग और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे. टीम ने बासुकिनाथ क्षेत्र के कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया.
होटल, ढाबों और दुकानों की हुई जांच
निरीक्षण के दौरान होटल, ढाबा और दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों की जांच की गई. साथ ही बाल श्रम निषेध कानून के बारे में जानकारी देने के लिए पोस्टर और सूचना पत्र लगाए गए. दुकानदारों को स्पष्ट बताया गया कि बच्चों से काम कराना कानूनी अपराध है.
चार बाल श्रमिकों को कराया गया मुक्त
अभियान के दौरान 14 वर्ष से कम आयु के चार बच्चों को रेस्क्यू कर काम से मुक्त कराया गया. श्रम अधीक्षक ने कहा कि बच्चों का स्थान स्कूल है और उन्हें शिक्षा से जोड़ना समाज की जिम्मेदारी है.
बाल श्रम पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
अधिकारियों ने चेतावनी दी कि बाल श्रम कराने वालों पर 20 हजार से 50 हजार रुपये जुर्माना और छह महीने तक की सजा का प्रावधान है. सभी रेस्क्यू बच्चों को परामर्श देकर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया.
समाज से सहयोग की अपील
अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे बाल श्रम के खिलाफ आगे आएं और ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना प्रशासन को दें, ताकि बच्चों का सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित किया जा सके.