कुलगाम आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के युवक की मौत, बुंदेली गांव में पसरा मातम
सक्ती। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार देर शाम हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के एक युवा मजदूर की मौत हो गई। आतंकियों की गोलीबारी में बुंदेली गांव निवासी 21 वर्षीय दीपक रात्रे की जान चली गई। घटना की जानकारी मिलते ही उनके पैतृक गांव बुंदेली और आसपास के हरदीडीह क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।
जानकारी के अनुसार, दीपक रात्रे जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में एक ईंट भट्ठे में काम कर रहे थे। शुक्रवार शाम आतंकियों ने वहां पहुंचकर मजदूरों को निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने पहले मजदूरों से उनकी पहचान और नाम पूछा। इसके बाद अचानक उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
इस हमले में दीपक रात्रे को गोली लग गई और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया है।
दीपक की मौत की खबर जैसे ही छत्तीसगढ़ पहुंची, उनके परिवार और गांव में गहरा दुख फैल गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोगों को यकीन नहीं हो रहा कि रोजी-रोटी के लिए दूसरे राज्य गए दीपक अब कभी वापस नहीं लौटेंगे।
ग्रामीणों ने बताया कि दीपक परिवार की आर्थिक मदद के लिए मजदूरी करने जम्मू-कश्मीर गए थे। कम उम्र में ही उन्होंने परिवार की जिम्मेदारियों को संभालना शुरू कर दिया था। उनकी मौत से परिवार के सामने भावनात्मक और आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
बुंदेली गांव में दीपक के घर पर लोगों का पहुंचना शुरू हो गया है। ग्रामीण और परिचित परिवार को सांत्वना दे रहे हैं। गांव के माहौल में गम और आक्रोश दोनों दिखाई दे रहे हैं। लोगों ने आतंकी घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों ने परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है। स्थानीय प्रशासन जम्मू-कश्मीर प्रशासन के संपर्क में है ताकि मृतक के शव को जल्द से जल्द उसके गृह जिले तक लाया जा सके।
आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के युवक की मौत ने एक बार फिर प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। देश के अलग-अलग हिस्सों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सरकार और सुरक्षा एजेंसियां लगातार प्रयास करती हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं गंभीर चुनौती बनी हुई हैं।
कुलगाम में हुए इस हमले के बाद सुरक्षा बलों ने आतंकियों की तलाश तेज कर दी है। इलाके में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि हमले में शामिल लोगों को पकड़ने के लिए अभियान जारी है।
दीपक रात्रे की मौत से उनके गांव में मातम का माहौल है। परिवार के सदस्य बार-बार दीपक को याद कर भावुक हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दीपक मेहनती और मिलनसार युवक थे, जिनकी असमय मौत ने पूरे गांव को झकझोर दिया है।
परिजनों ने सरकार से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और परिवार को उचित सहायता दी जाए। ग्रामीणों ने भी पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया है।
फिलहाल पूरा गांव दीपक के अंतिम संस्कार और शव के पहुंचने का इंतजार कर रहा है। एक युवा मजदूर की आतंकी हिंसा में हुई मौत ने छत्तीसगढ़ के इस छोटे से गांव को गहरे शोक में डुबो दिया है।