Jammu.जम्मू: जम्मू-कश्मीर में विस्थापित कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास को लेकर युवा संगठन YAIKS (Young Advocates for Indian Kashmiri Society) ने राजधानी में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। संगठन का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से विस्थापित पंडितों के पुनर्वास में लगातार देरी हो रही है और उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
YAIKS के सदस्यों ने पोस्टर और बैनर लेकर प्रदर्शन किया, जिन पर लिखा था कि "पंडितों का पुनर्वास हमारा अधिकार है" और "देरी से केवल असुरक्षा बढ़ रही है"। प्रदर्शनकारी मुख्यतः दिल्ली के जंतर-मंतर पर जमा हुए और उन्होंने सरकार से तत्काल पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
संगठन के अध्यक्ष ने कहा, “पिछले तीन दशकों से विस्थापित कश्मीरी पंडित सुरक्षित घर और रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सरकार के आश्वासन केवल कागज़ों तक सीमित रह गए हैं। हमें अब वास्तविक कार्रवाई चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि पुनर्वास न होने से कई परिवार अभी भी अस्थायी और असुरक्षित परिस्थितियों में रह रहे हैं।
YAIKS ने यह भी मांग की कि विस्थापित पंडितों के लिए पुनर्वास योजनाओं में पारदर्शिता लाई जाए। उन्होंने कहा कि कई मामलों में वित्तीय सहायता या सरकारी योजनाओं का लाभ सही ढंग से नहीं मिल रहा और कई परिवार अभी भी जरूरी सुविधाओं से वंचित हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि कश्मीरी पंडितों का पुनर्वास एक संवेदनशील मुद्दा है, जिसे सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक दृष्टि से गंभीरता से देखने की आवश्यकता है। वर्षों से विस्थापित पंडितों की समस्याओं में स्थायी समाधान नहीं होने से उनके जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
प्रदर्शन के दौरान YAIKS के सदस्यों ने सरकार से यह भी कहा कि युवाओं और महिलाओं को विशेष रूप से प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने राज्य और केंद्र के अधिकारियों से यह आश्वासन मांगा कि पुनर्वास प्रक्रिया तेज की जाएगी और पंडित समुदाय को उनके मूल अधिकारों के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
वहीं, प्रदर्शन के आयोजकों ने कहा कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण था, लेकिन यदि सरकार जल्द ही कार्रवाई नहीं करती है, तो संगठन भविष्य में बड़े आंदोलन और जनसंपर्क अभियान की योजना बना रहा है।