Jammu.जम्मू: उधमपुर जिले के चेनानी क्षेत्र में आज जनसंपर्क शिविर आयोजित किया गया, जिसमें डीसी (जिलाधिकारी) उधमपुर ने सीधे ग्रामीणों और नागरिकों से संवाद किया। यह शिविर प्रशासन और जनता के बीच सीधे संपर्क और समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
शिविर में डीसी ने नागरिकों से सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा की और उन्हें सरकारी योजनाओं, सुविधाओं और लाभों की जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है।
डीसी ने ग्रामीणों से बातचीत करते हुए कहा कि जनसंपर्क शिविर सरकार और जनता के बीच विश्वास और पारदर्शिता को बढ़ाने का एक माध्यम है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक की समस्या महत्वपूर्ण है, और प्रशासन उन्हें समय पर और प्रभावी समाधान देने के लिए प्रतिबद्ध है।
शिविर में प्रमुख रूप से जलापूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएं, सड़क निर्माण और शिक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए गए। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का विवरण तैयार किया जाए और समयसीमा में हल किया जाए। उन्होंने ग्रामीणों को भी आश्वस्त किया कि जनसंपर्क शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे ताकि जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए मंच मिल सके।
ग्रामीणों ने इस मौके पर अपनी समस्याओं को डीसी के समक्ष रखा। कई लोगों ने सड़क की खराब स्थिति, बिजली आपूर्ति और सरकारी लाभ योजनाओं में देरी जैसी समस्याओं का जिक्र किया। डीसी ने हर मामले पर अधिकारियों से फॉलो-अप का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर स्थानीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि इस तरह के शिविर स्थानीय प्रशासन और जनता के बीच संवाद और सहयोग बढ़ाने में मददगार होते हैं। इससे ग्रामीणों की समस्याओं का तुरंत समाधान और योजना कार्यान्वयन में गति आती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जनसंपर्क शिविर प्रशासन की जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने का एक प्रभावी तरीका है। इससे नागरिकों को भी यह विश्वास होता है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जा रहा है।
डीसी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनसंपर्क शिविर में उठाए गए मुद्दों की नियमित निगरानी और समाधान प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास, सुविधाओं की बेहतर उपलब्धता और जनता की समस्याओं का त्वरित निवारण है।
शिविर का समापन डीसी के द्वारा ग्रामीणों से संवाद और उनके सुझावों को सुनने के बाद किया गया। उन्होंने कहा कि "हमारी प्राथमिकता है कि जनता के हित में ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं। इस दिशा में जनसंपर्क शिविर एक अहम माध्यम साबित होगा।"