Jammu.जम्मू: उपमुख्यमंत्री ने हाल ही में एक प्रेस वार्ता में कहा कि उमर के नेतृत्व वाली सरकार श्रमिकों के अधिकारों और उनके कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य मजदूरों के जीवन स्तर को सुधारना, उनके अधिकारों की सुरक्षा करना और उन्हें सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि श्रमिक वर्ग राज्य और देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। सरकार ने हाल के वर्षों में श्रमिकों की भलाई और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए कई नई नीतियों और योजनाओं को लागू किया है। उन्होंने कहा, "हमारे निर्णय और योजनाएं सीधे तौर पर मजदूरों की सुरक्षा और रोजगार स्थिरता को सुनिश्चित करने के लिए तैयार की गई हैं।"
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने श्रमिक सुरक्षा मानकों, मजदूरी कानूनों और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत किया है। इसके अंतर्गत श्रमिकों को उचित वेतन, स्वास्थ्य और दुर्घटना बीमा, बच्चों और परिवार के लिए सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार नियमित रूप से श्रमिकों के मुद्दों को सुनने और उनके समाधान के लिए संवाद मंच आयोजित कर रही है।
उपमुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार श्रमिक संघों और उद्योगपतियों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका कहना था कि सरकार न केवल श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा कर रही है बल्कि उद्योग और निवेश को भी बढ़ावा दे रही है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
इस अवसर पर उन्होंने श्रमिकों के प्रशिक्षण और कौशल विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राज्य में तकनीकी प्रशिक्षण और व्यावसायिक शिक्षा के माध्यम से मजदूरों की दक्षता और रोजगार योग्य क्षमता बढ़ाई जा रही है। इससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी बल्कि उन्हें रोजगार सुरक्षा भी मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार द्वारा श्रमिकों के अधिकारों पर जोर देने से सामाजिक और आर्थिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी। इससे न केवल मजदूर वर्ग को लाभ होगा बल्कि राज्य की उत्पादन क्षमता और आर्थिक वृद्धि में भी तेजी आएगी।