जम्मू। जम्मू-कश्मीर में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान तेज करते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की जम्मू जोनल यूनिट ने हेरोइन की सप्लाई से जुड़े दो प्रमुख रास्तों का पता लगाने का दावा किया है। खुफिया सूचनाओं के आधार पर की गई अलग-अलग कार्रवाइयों में सामने आया कि हेरोइन की खेप जम्मू-कश्मीर तक दो रास्तों से पहुंचाई जा रही थी। इनमें एक रास्ता पाकिस्तान की ओर से उरी सेक्टर के जरिए और दूसरा पंजाब के रास्ते बताया गया है।
NCB के मुताबिक करीब एक महीने के भीतर जम्मू डिवीजन में हेरोइन बरामदगी के चार मामलों और पंजाब में उनसे जुड़े एक अन्य मामले में कुल 6.920 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई। इन कार्रवाइयों के जरिए एजेंसी अब तस्करी नेटवर्क की पूरी श्रृंखला और इसके पीछे सक्रिय लोगों का पता लगाने में जुटी है।
उरी सेक्टर और पंजाब के रास्ते तस्करी का दावा
NCB की जांच में हेरोइन की तस्करी के दो अलग-अलग रूट सामने आने का दावा किया गया है। एजेंसी के अनुसार एक नेटवर्क पाकिस्तान से उरी सेक्टर के रास्ते नशीले पदार्थों की खेप पहुंचा रहा था।
दूसरा रूट पंजाब से जुड़ा मिला। इस रास्ते से हेरोइन को जम्मू-कश्मीर तक पहुंचाने की बात सामने आई है।
एजेंसी अब इन दोनों रूट से जुड़े सप्लायर, स्थानीय संपर्क और आगे नशीले पदार्थ पहुंचाने वाले नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
एक महीने में पांच जुड़े मामलों पर कार्रवाई
NCB प्रवक्ता के अनुसार करीब एक महीने की अवधि में जम्मू डिवीजन में हेरोइन जब्ती के चार मामले सामने आए। इसके अलावा पंजाब में भी एक ऐसा मामला पकड़ा गया, जिसका संबंध इसी नेटवर्क से बताया गया है।
इन पांच मामलों में कुल 6.920 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई है।
लगातार सामने आए मामलों के बाद NCB ने इनकी कड़ियों को जोड़कर यह पता लगाने का प्रयास किया कि नशीले पदार्थों की सप्लाई कहां से हो रही है और इसे किन क्षेत्रों तक पहुंचाया जा रहा था।
खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई
NCB की जम्मू जोनल यूनिट ने ये कार्रवाई खुफिया सूचनाओं के आधार पर की। संदिग्ध गतिविधियों और ड्रग्स की आवाजाही के बारे में जानकारी मिलने के बाद अलग-अलग स्थानों पर ऑपरेशन चलाए गए।
जांच के दौरान बरामद नशीले पदार्थों के साथ उनसे जुड़े नेटवर्क की जानकारी भी जुटाई गई।
एजेंसी का फोकस केवल ड्रग्स की खेप जब्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे मौजूद पूरी सप्लाई चेन तक पहुंचने पर भी है।
ड्रग्स प्रभावित क्षेत्रों में सीधे ऑपरेशन
NCB के मुताबिक इन कार्रवाइयों में से दो ऑपरेशन ऐसे इलाकों में किए गए, जिन्हें नशीले पदार्थों की समस्या से प्रभावित माना जा रहा था।
इन ऑपरेशनों का उद्देश्य उन संवेदनशील क्षेत्रों में सीधे कार्रवाई करना था, जहां कथित तौर पर ड्रग्स की सप्लाई और वितरण से जुड़ी गतिविधियों की आशंका थी।
एजेंसी ऐसे क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर सक्रिय नेटवर्क और सप्लाई चैनल की पहचान करने पर जोर दे रही है।
6.920 किलो हेरोइन जब्त
सभी संबंधित कार्रवाइयों को मिलाकर NCB ने 6.920 किलोग्राम हेरोइन जब्त करने की जानकारी दी है। इतनी मात्रा में नशीले पदार्थ की बरामदगी के बाद एजेंसी इसके स्रोत और अंतिम गंतव्य का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में पहुंचने वाली हेरोइन को स्थानीय स्तर पर खपाया जाना था या इसे आगे दूसरे क्षेत्रों तक पहुंचाने की योजना थी।
बरामदगी से जुड़े प्रत्येक मामले की कड़ियों को जोड़कर बड़े नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
सप्लाई चेन की तह तक पहुंचने की कोशिश
ड्रग्स तस्करी के मामलों में आम तौर पर कई स्तर पर लोग सक्रिय होते हैं। इनमें नशीले पदार्थों की आपूर्ति करने वालों से लेकर परिवहन और स्थानीय वितरण से जुड़े लोग शामिल हो सकते हैं।
NCB की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना होगा कि बरामद हेरोइन की खेप किसने भेजी और इसे किसे सौंपा जाना था।
एजेंसी गिरफ्तार या संदिग्ध लोगों के संपर्कों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क की तह तक पहुंचने की कोशिश कर सकती है।
सीमावर्ती इलाकों पर बढ़ी निगरानी
उरी सेक्टर के रास्ते पाकिस्तान से हेरोइन आने के दावे के बाद सीमावर्ती इलाकों में ड्रग्स तस्करी की चुनौती एक बार फिर सामने आई है।
सीमा पार से नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण माना जाता है।
ऐसे मामलों में सीमा पर निगरानी के साथ स्थानीय स्तर पर उन नेटवर्क को तोड़ना भी जरूरी होता है, जो नशीले पदार्थों को आगे पहुंचाने में भूमिका निभाते हैं।
पंजाब कनेक्शन की भी जांच
दूसरे रूट के रूप में पंजाब का नाम सामने आने के बाद NCB की जांच का दायरा जम्मू-कश्मीर से बाहर भी पहुंच गया है।
पंजाब में पकड़े गए संबंधित मामले से एजेंसी को तस्करी नेटवर्क के बारे में अतिरिक्त जानकारी मिलने की उम्मीद है।
यह पता लगाया जा रहा है कि पंजाब से जम्मू-कश्मीर तक हेरोइन पहुंचाने के लिए किन माध्यमों और संपर्कों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
युवाओं में नशे की समस्या बड़ी चुनौती
जम्मू-कश्मीर समेत देश के कई हिस्सों में नशीले पदार्थों की उपलब्धता और युवाओं में इसके दुरुपयोग को लेकर चिंता जताई जाती रही है।
हेरोइन जैसे नशीले पदार्थों की सप्लाई रोकने के लिए तस्करी नेटवर्क पर कार्रवाई के साथ स्थानीय स्तर पर वितरण व्यवस्था को खत्म करना भी जरूरी माना जाता है।
NCB की ओर से ड्रग्स प्रभावित क्षेत्रों में सीधे ऑपरेशन किए जाने को इसी रणनीति का हिस्सा बताया गया है।
नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर नजर
हेरोइन की बरामदगी के बाद अब एजेंसी की नजर तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर है। जांच में मोबाइल संपर्क, यात्रा और अन्य उपलब्ध जानकारियों का विश्लेषण किया जा सकता है।
इनसे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि अलग-अलग मामलों के बीच किस तरह का संबंध था और तस्करी की पूरी व्यवस्था कैसे काम कर रही थी।
नशे के नेटवर्क पर शिकंजा कसने की तैयारी
करीब एक महीने में जम्मू डिवीजन के चार और पंजाब के एक संबंधित मामले में 6.920 किलोग्राम हेरोइन की जब्ती को NCB की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।
एजेंसी के मुताबिक जांच में सामने आए दो प्रमुख रूट अब उसके फोकस में हैं। एक ओर उरी सेक्टर के जरिए कथित सीमा पार सप्लाई की कड़ी की जांच की जा रही है, वहीं दूसरी ओर पंजाब के रास्ते आने वाली खेप के नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।
NCB की आगे की जांच में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि इन रास्तों से कितने समय से हेरोइन की तस्करी हो रही थी, इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं और नशीले पदार्थों को आखिर किन इलाकों तक पहुंचाया जा रहा था।