Jammu.जम्मू: ऑल इंडिया जॉइंट केमिकल ट्रांसपोर्ट वर्कर्स एसोसिएशन (AJKTWA) ने सरकार पर आरोप लगाया है कि उनकी वर्तमान नीतियां और निर्णय ट्रांसपोर्टरों को आंदोलन करने के लिए मजबूर कर रहे हैं। संगठन ने कहा कि यदि सरकारी रवैया नहीं बदला गया, तो व्यापक आंदोलन की संभावना बढ़ जाएगी।
AJKTWA के नेताओं ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में ट्रांसपोर्टरों और लॉजिस्टिक्स व्यवसाय से जुड़े कर्मचारियों पर आर्थिक और नियामक दबाव बढ़ गया है। संगठन का कहना है कि सरकारी नियमों का कठोर पालन और बढ़ते टैक्स दरें ट्रांसपोर्टरों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही हैं।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि कई ट्रांसपोर्ट कंपनियां नुकसान में जा रही हैं और कर्मचारियों की समस्याएं गंभीर हो रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों की समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए, अन्यथा आंदोलन का रास्ता ही एकमात्र विकल्प बचता है।
AJKTWA ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा सामान्य बातचीत के अवसरों में अनदेखी और नीति परिवर्तन की कुशल योजना की कमी आंदोलन की संभावना को और बढ़ा रही है। संगठन ने स्पष्ट किया कि वे शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से अपनी आवाज़ उठाना चाहते हैं, लेकिन अगर सरकारी रवैया नहीं बदला गया, तो व्यापक हड़ताल और प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में नीति और आर्थिक दबाव हमेशा संवेदनशील होते हैं। यदि सरकार और ट्रांसपोर्टरों के बीच संवाद स्थापित न हो, तो यह स्थिति सड़क परिवहन और माल आपूर्ति श्रृंखला पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।
AJKTWA ने प्रशासन से आग्रह किया कि वे नए नियमों की समीक्षा करें, टैक्स दरों में सहूलियत दें और व्यापारियों की समस्याओं को सुनें। संगठन ने यह भी कहा कि सरकार अगर समय पर कार्रवाई करती है, तो आंदोलन टाला जा सकता है और संकटग्रस्त व्यापारिक वर्ग को राहत मिल सकती है।
संगठन के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे देशव्यापी आंदोलन और हड़ताल की रणनीति लागू कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह कदम आर्थिक नुकसान को रोकने और कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक होगा।
इस प्रकार, AJKTWA का स्पष्ट संदेश है कि सरकार की नीतियां और निर्णय ट्रांसपोर्टरों के लिए मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। संगठन ने प्रशासन से अपील की है कि वे संवाद और सहयोग के रास्ते अपनाएँ, ताकि आंदोलन की नौबत ही न आए और ट्रांसपोर्ट व्यवसाय सुचारू रूप से चल सके।