Poonch में शहीदों की आत्मा की शांति के लिए गुरुद्वारे में विशेष प्रार्थना
Poonch.पूंछ: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की ओर से की गई गोलाबारी में मारे गए नागरिकों की आत्मा की शांति के लिए पुंछ स्थित एक गुरुद्वारे में विशेष प्रार्थना कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर स्थानीय नागरिकों, धर्मगुरुओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने शिरकत की और शहीदों के परिवारों के साथ गहरी संवेदना व्यक्त की।
गुरुद्वारे के प्रमुख ने कहा कि यह प्रार्थना न केवल शहीदों की आत्मा की शांति के लिए, बल्कि उनके परिवारों को साहस और समर्थन देने के लिए भी आयोजित की गई है। उन्होंने कहा, "हम प्रार्थना करते हैं कि उनके परिवारों को इस दुख की घड़ी में शक्ति मिले और देश हमेशा उनके बलिदान को याद रखे।"
कार्यक्रम में स्थानीय लोगों ने भी भाग लिया और मारे गए लोगों के सम्मान में मोमबत्तियां जलाईं। समुदाय ने शहीदों के लिए की गई प्रार्थना को एकता और सहानुभूति का प्रतीक बताया। कई लोगों ने कहा कि यह घटना केवल व्यक्तिगत दुख का विषय नहीं है, बल्कि देश की सुरक्षा और सीमा पर तैनात जवानों की निष्ठा का भी प्रतीक है।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुई गोलाबारी में कई लोग मारे गए और कई अन्य घायल हुए। प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। शहीदों के परिवारों को आर्थिक और मानवीय सहायता प्रदान की गई। स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ाई और घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया।
धर्मगुरुओं ने इस अवसर पर शांति और सहिष्णुता का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं से समाज में नफरत और विभाजन नहीं फैलना चाहिए। उन्होंने समुदाय से अपील की कि वे शांति बनाए रखें और जरूरतमंदों की मदद करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि सीमा पर नागरिकों और सुरक्षा बलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस तरह की प्रार्थनाएं और कार्यक्रम समाज में सामूहिक संवेदनशीलता को बढ़ाते हैं और शहीदों के बलिदान को याद रखने का माध्यम बनते हैं।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारीयों ने भी शहीदों के परिवारों से मुलाकात की और उन्हें हर प्रकार की सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों ही इस घटना को गंभीरता से ले रही हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
पुंछ गुरुद्वारे में आयोजित यह प्रार्थना कार्यक्रम न केवल शहीदों के प्रति श्रद्धांजलि है, बल्कि यह समुदाय में एकजुटता और देशभक्ति की भावना को भी मजबूत करता है। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उनके इलाके में ऐसे लोग हैं जो अपनी जान की परवाह किए बिना देश की सेवा में लगे हुए हैं।