Kashmir.कश्मीर: कुलगाम के उपायुक्त (डीसी) ने जिले में जीआईएस (GIS)-आधारित मास्टर प्लान पर एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का उद्देश्य जिले के शहरी और ग्रामीण विकास, भूमि उपयोग, बुनियादी ढांचा और संसाधनों के प्रबंधन के लिए तकनीकी दृष्टिकोण को अपनाना था।
डीसी ने कहा कि जीआईएस-आधारित मास्टर प्लान से जिले की योजना बनाने की प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी, प्रभावी और डेटा-संचालित होगी। इस तकनीकी प्रणाली के माध्यम से न केवल भूमि और परिसंपत्तियों का सटीक नक्शा तैयार किया जा सकेगा, बल्कि विकास संबंधी निर्णय भी अधिक सूचित और समयबद्ध होंगे।
बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, नगर नियोजन, भू-राजस्व और बुनियादी ढांचा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी शामिल हुए। डीसी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मास्टर प्लान के सभी पहलुओं पर समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करें और जिले में सतत विकास के लिए आवश्यक कदम उठाएँ।
विशेषज्ञों का कहना है कि जीआईएस तकनीक से कुलगाम जैसे पहाड़ी जिले में भूमि उपयोग, बाढ़ नियंत्रण, सड़क और पानी की आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाओं की योजना बेहतर तरीके से बनाई जा सकती है। इसके अलावा, यह तकनीक नगरपालिका और ग्रामीण निकायों को परियोजनाओं के निगरानी और निष्पादन में भी मदद करेगी।
बैठक में चर्चा की गई कि मास्टर प्लान के तहत स्मार्ट सॉल्यूशंस के माध्यम से कुलगाम के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा सके। डीसी ने अधिकारियों को GIS डेटा का नियमित अद्यतन करने और योजना के अनुसार कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया।
डीसी ने कहा कि योजना केवल आज के लिए नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में जिले के स्थायी और समग्र विकास की नींव रखने के लिए तैयार की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि परियोजनाओं के कार्यान्वयन में स्थानीय जरूरतों और पर्यावरणीय पहलुओं का पूरा ध्यान रखा जाए।
बैठक के दौरान GIS-आधारित प्रणाली की प्रशिक्षण आवश्यकताओं और तकनीकी समर्थन पर भी विचार किया गया। अधिकारियों ने प्रस्तावित क्षेत्रों, बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं का डेटा प्रस्तुत किया, जिससे मास्टर प्लान को और सटीक बनाने में मदद मिलेगी।