श्रीनगर, सूचना निदेशक ममता यादव ने शुक्रवार को कश्मीर संभाग के जिला सूचना केंद्रों (DICs) के कामकाज की समीक्षा के लिए एक विस्तृत बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिला स्तर पर सूचना प्रसार को मजबूत करना, मीडिया के साथ समन्वय बेहतर करना और सरकारी गतिविधियों तथा जन कल्याणकारी पहलों की प्रभावी कवरेज सुनिश्चित करना था। बैठक में संयुक्त सूचना निदेशक (मुख्यालय) डॉ. जहूर अहमद रैना, संयुक्त सूचना निदेशक (कश्मीर) सैयद शाहनवाज बुखारी, उप सूचना निदेशक (PR/AV) जावेद अहमद राथर, उप सूचना निदेशक (PR) कश्मीर मोहम्मद रफीक जुल्लाह, उप सूचना निदेशक (मुख्यालय) कश्मीर जुबैर अहमद, सांस्कृतिक अधिकारी, फील्ड प्रचार अधिकारी, कश्मीर संभाग के जिला सूचना अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हुए।
बैठक के दौरान, निदेशक ने जिला सूचना केंद्रों के कामकाज का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने केंद्रों की प्रचार गतिविधियों, मीडिया पहुंच, फील्ड-स्तरीय कवरेज, बुनियादी ढांचे, कर्मचारियों की जरूरतों और समग्र प्रदर्शन की समीक्षा की। ममता यादव ने कहा कि जिला सूचना केंद्र, DIPR (सूचना एवं जनसंपर्क विभाग) के जमीनी स्तर के संचार नेटवर्क के रूप में बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि सरकारी नीतियों, कार्यक्रमों, विकास कार्यों और जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक समय पर, सटीक और आसानी से पहुंचाने में इन केंद्रों की अहम भूमिका है।
उन्होंने कहा, "DICs जमीनी स्तर पर DIPR का चेहरा हैं। इनका काम केवल सूचना फैलाना ही नहीं है, बल्कि ये प्रशासन, मीडिया और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। यह जरूरी है कि हर जिला इकाई पूरी लगन, पेशेवर रवैये और जिम्मेदारी की स्पष्ट भावना के साथ काम करे।" निदेशक ने प्रचार और सूचना प्रसार को और अधिक गतिशील, परिणाम-उन्मुख और बदलते मीडिया परिवेश के अनुरूप बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने जिला अधिकारियों से कहा कि वे प्रचार के पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का भी प्रभावी ढंग से उपयोग करें, ताकि लोगों तक बेहतर पहुंच बनाई जा सके और जनता की अधिक भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
ममता यादव ने कहा, "समय पर और विश्वसनीय जानकारी ही प्रभावी जन संचार का आधार है। हमारा ध्यान सही प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों तक सत्यापित जानकारी पहुंचाने पर होना चाहिए, साथ ही यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि सरकार की उपलब्धियों और पहलों को उचित और तथ्यात्मक कवरेज मिले।" उन्होंने मीडिया के साथ सक्रिय रूप से जुड़ने और स्थानीय मीडिया संगठनों के साथ सौहार्दपूर्ण तथा पेशेवर संबंध बनाए रखने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रमों, जन-संपर्क अभियानों और विकास कार्यों की व्यापक कवरेज सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ बेहतर तालमेल बिठाने का आह्वान किया।
विभागीय प्रचार-प्रसार में नवाचार (इनोवेशन) की आवश्यकता पर जोर देते हुए, निदेशक ने जिला इकाइयों को स्थानीय सफलता की कहानियों, विकास के मील के पत्थरों, सांस्कृतिक विरासत और जन-केंद्रित पहलों को खोजने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि उन्हें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के माध्यम से व्यापक रूप से लोगों तक पहुँचाया जा सके। उन्होंने कहा, "हर जिले की अपनी विकास, नवाचार और जन-भागीदारी की कहानियाँ होती हैं। हमारे अधिकारियों को इन कहानियों की पहचान करनी चाहिए और इन्हें सामने लाना चाहिए। प्रभावी संचार केवल आधिकारिक कार्यक्रमों तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसमें जमीनी स्तर पर सरकारी पहलों के प्रभाव को भी दिखना चाहिए।"
ममता यादव ने आधिकारिक जिम्मेदारियों के निर्वहन में अधिक जवाबदेही, नियमित निगरानी और पेशेवर मानकों के पालन पर भी जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मुख्यालय के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने, समय पर रिपोर्ट जमा करने और विभागीय प्रचार की गुणवत्ता व निरंतरता को मजबूत करने का निर्देश दिया। DIPR की संस्थागत क्षमता को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, ममता यादव ने कहा कि विभागीय संचार को अधिक प्रभावी और जन-केंद्रित बनाने के लिए एक समन्वित, संवेदनशील और तकनीक-आधारित दृष्टिकोण अपनाना महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने सभी जिला इकाइयों से नई प्रतिबद्धता के साथ काम करने का आग्रह किया और यह सुनिश्चित करने को कहा कि DIPR सरकार और जनता के बीच एक भरोसेमंद सेतु के रूप में अपनी भूमिका निभाता रहे।