Jammu.जम्मू: कठुआ जिले की प्रमुख जल आपूर्ति प्रणाली, कठुआ नहर, में मरम्मत का कार्य पूरा होने के बाद पानी छोड़ा गया है। यह नहर क्षेत्र के किसानों के लिए जीवनरेखा के समान है और इसकी मरम्मत से सिंचाई व्यवस्था फिर से सुचारू रूप से चलने लगी है। जिला जल आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नहर में दरारें और लीक के कारण पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही थी। इससे कई गांवों में खेती और जल उपयोग प्रभावित हो रहा था। मरम्मत कार्य के दौरान नहर की कमजोर दीवारों और पाइपलाइन को पक्के तौर पर ठीक किया गया और पानी की बचत के लिए सभी दोषपूर्ण हिस्सों को बदल दिया गया।
पानी छोड़े जाने के बाद किसानों ने राहत की सांस ली। स्थानीय किसान रवि कुमार ने बताया कि नहर में पानी नहीं मिलने के कारण उनकी फसलें प्रभावित हो रही थीं। मरम्मत और जल प्रवाह बहाल होने के बाद उनकी सिंचाई व्यवस्था फिर से सामान्य हो गई है। उन्होंने अधिकारियों का धन्यवाद किया और कहा कि इससे क्षेत्र में कृषि उत्पादन बढ़ेगा।
जल आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नहर की मरम्मत कार्य समय पर पूरी कर ली गई। उन्होंने बताया कि भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचने के लिए नहर की नियमित निगरानी और रख-रखाव की योजना बनाई गई है। अधिकारी ने किसानों से अपील की कि वे नहर के पास किसी भी तरह की गंदगी या अवैध निर्माण न करें, जिससे जल प्रवाह प्रभावित हो।
कठुआ नहर का पुनः संचालन कृषि क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह नहर जिले के कई गांवों में सिंचाई का मुख्य स्रोत है और इससे हजारों हेक्टेयर खेती योग्य भूमि का जल प्रबंधन सुनिश्चित होता है। अधिकारियों ने कहा कि मरम्मत के बाद नहर में पानी की आपूर्ति नियमित और पर्याप्त मात्रा में होगी।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि नहर की मरम्मत और जल प्रवाह बहाल होने से आगामी फसल सीजन में अच्छी पैदावार की संभावना बढ़ गई है। उन्होंने किसानों से कहा कि वे जल संरक्षण और नहर की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें।
स्थानीय प्रशासन ने भी इस अवसर पर कहा कि जल संसाधनों का सही प्रबंधन और नहरों की नियमित रख-रखाव से कृषि और ग्रामीण विकास में सकारात्मक असर पड़ता है। उन्होंने बताया कि कठुआ जिले में और भी कई जल परियोजनाओं को सुधारने की योजना बनाई जा रही है।