देसी घी की जांच में बड़ा खुलासा प्रशासन ने बिक्री पर लगाई रोक
J&K में 10 बैच की बिक्री और भंडारण बंद
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने लैब जांच में मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले देसी घी के 10 बैच की बिक्री, भंडारण, वितरण और प्रदर्शन पर तत्काल रोक लगा दी है। जांच में इन उत्पादों में गुणवत्ता संबंधी कई गड़बड़ियां पाई गईं। प्रशासन की यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSS Act) 2006 के तहत की गई है। अधिकारियों के अनुसार, विभिन्न जिलों से लिए गए घी के नमूनों को मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजा गया था। जांच रिपोर्ट में कुछ उत्पादों में विदेशी वनस्पति वसा, बीटा-सिटोस्टेरॉल और अन्य गुणवत्ता मानकों में कमी पाई गई।
FDA के आदेश के बाद संबंधित कंपनियों, थोक विक्रेताओं, वितरकों और दुकानदारों को निर्देश दिया गया है कि वे इन चिन्हित बैचों की बिक्री तुरंत रोक दें और उपलब्ध स्टॉक की जानकारी अधिकारियों को उपलब्ध कराएं। प्रशासन ने प्रभावित उत्पादों को बाजार से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच में जिन घी बैचों पर कार्रवाई की गई है, उनमें Dairy Mohan Desi Ghee, Apna Dairy Milk Desi Ghee, Milk Bite Cow Ghee, Nandni Desi Ghee, Shahi Taj Desi Ghee, Daawat Fresh, Nand Krishna Cow Ghee, Vandu Cow Ghee, Dairy Milk Desi Ghee और Mohan Dairy Ghee शामिल हैं।
कई जिलों से लिए गए थे सैंपल
अधिकारियों के मुताबिक इन उत्पादों के नमूने जम्मू-कश्मीर के कई क्षेत्रों से लिए गए थे। इनमें अनंतनाग, शांगस, लारनू, बिजबेहरा, सांबा, कठुआ, जम्मू, त्राल और पंपोर जैसे इलाके शामिल हैं। जांच के बाद संबंधित बैचों को बिक्री के लिए अनुपयुक्त पाया गया।
उपभोक्ताओं को सावधानी की सलाह
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घी खरीदते समय ब्रांड के साथ-साथ बैच नंबर, पैकिंग तारीख और गुणवत्ता प्रमाणन की जांच जरूर करें। खाद्य सुरक्षा विभाग ने कहा है कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए बाजारों में निगरानी और सैंपल जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। खाद्य विशेषज्ञों के अनुसार शुद्ध घी केवल दूध से प्राप्त वसा से तैयार होना चाहिए। इसमें किसी भी तरह की बाहरी वसा या अन्य पदार्थों की मिलावट खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मानी जाती है।
कंपनियों को दोबारा जांच का अधिकार
FDA ने यह भी स्पष्ट किया है कि संबंधित खाद्य कारोबारियों को कानून के तहत दोबारा जांच के लिए मान्यता प्राप्त रेफरल लैब में नमूना भेजने का अधिकार है। हालांकि अंतिम निर्णय तक प्रतिबंधित बैचों की बिक्री और वितरण जारी नहीं रखा जा सकेगा। प्रशासन का कहना है कि मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।