Jammu.जम्मू: कोटरंका गांव में शुक्रवार को एक पागल कुत्ते ने 6 बच्चों पर हमला कर दिया, जिससे गांव में दहशत का माहौल पैदा हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचना दी।
हमले में घायल हुए सभी बच्चे स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाए गए, जहाँ प्राथमिक उपचार किया गया। अस्पताल अधिकारियों ने बताया कि बच्चों को घावों की स्थिति के अनुसार इलाज दिया जा रहा है और किसी की स्थिति गंभीर नहीं है। बच्चों को तत्काल एंटी-रेबीज दवा भी दी गई है।
स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि यह कुत्ता कुछ दिनों से गांव के पास घूम रहा था और उसे नियंत्रण में लाना मुश्किल हो गया था। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि ऐसे जानवरों के कारण भविष्य में कोई गंभीर घटना न हो।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि पशु नियंत्रण टीम को बुलाया गया है और कुत्ते को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने ग्रामीणों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों और पालतू जानवरों को सुरक्षित रखें और अजनबी जानवरों से दूरी बनाएं।
स्वास्थ्य विभाग ने गांव में चेतावनी जारी की है और कहा कि बच्चों और अन्य लोगों को अगर किसी भी प्रकार के काटने या खरोंच का सामना करना पड़े तो तुरंत उपचार केंद्र जाएं। विभाग ने पालतू और आवारा जानवरों के टीकाकरण पर भी जोर दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पागल कुत्तों से होने वाले हमले गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकते हैं, क्योंकि रैबीज़ जैसी बीमारियाँ तुरंत इलाज न मिलने पर जानलेवा साबित हो सकती हैं। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि ऐसे जानवरों की सूचना प्रशासन को दें ताकि समय रहते उन्हें सुरक्षित तरीके से नियंत्रित किया जा सके।
स्थानीय प्रशासन ने कहा कि गांव में न केवल इस कुत्ते को पकड़ने का अभियान चलाया जाएगा, बल्कि भविष्य में इसी तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता और टीकाकरण अभियान भी चलाए जाएंगे।
कुल मिलाकर, कोटरंका गांव में पागल कुत्ते के हमले ने ग्रामीणों में डर और सतर्कता बढ़ा दी है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता से घायलों का इलाज जल्द ही सुनिश्चित किया गया है, और सुरक्षा के लिए सतर्कता बढ़ा दी गई है।