Jammu.जम्मू: Jammu and Kashmir, India और Ladakh, India में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और नागरिक समूहों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें उनके विचारों और योगदान को याद किया गया।
Jammu and Kashmir, India के विभिन्न जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में वक्ताओं ने डॉ. अंबेडकर के जीवन संघर्ष, शिक्षा के प्रति उनके समर्पण और सामाजिक समानता के लिए उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अंबेडकर का संविधान हर नागरिक को समान अधिकार और अवसर प्रदान करता है।
Ladakh, India में भी विभिन्न स्थानों पर संगोष्ठियों और श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया गया, जहां लोगों ने उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया। युवाओं ने विशेष रूप से शिक्षा और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में उनके विचारों को प्रेरणास्रोत बताया।
कार्यक्रमों में नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का योगदान केवल संविधान निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने समाज में व्याप्त असमानता और भेदभाव के खिलाफ एक मजबूत आवाज उठाई।
Jammu and Kashmir, India में आयोजित कार्यक्रमों में यह भी कहा गया कि आज के समय में उनके विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं, खासकर सामाजिक न्याय और समान अवसर सुनिश्चित करने के संदर्भ में।
कुल मिलाकर, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में आयोजित यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम डॉ. अंबेडकर के विचारों और उनके सामाजिक योगदान को याद करने और आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ।