Jammu and Kashmir जम्मू कश्मीर : बारामुला। उत्तरी कश्मीर के सीमावर्ती क्षेत्र उड़ी को जिला मुख्यालय बारामुला से जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग इन दिनों खतरे का सफर बन गया है। फोरलेन सड़क निर्माण कार्य के चलते यह मार्ग कई स्थानों पर खस्ताहाल हो चुका है।
इससे न केवल आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, बल्कि स्थानीय व्यापार भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बारिश के दौरान इको पार्क शीरी, बोनियार और उड़ी में बांदी क्षेत्र के पास लगातार भूस्खलन और पहाड़ों से गिरते पत्थरों ने स्थिति और भी गंभीर बना दी है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे, ढीली बजरी, घनी धूल और अस्थिर ढलान ने सफर को बेहद जोखिम भरा बना दिया है। हाल के दिनों में कई छोटी दुर्घटनाएं भी इसी मार्ग पर सामने आ चुकी हैं।
बोनियार निवासी अहनान भट ने बताया कि हम विकास की जरूरत को समझते हैं, लेकिन इसकी योजना और क्रियान्वयन में गंभीर खामियां हैं। न तो सड़क की समय पर मरम्मत होती है, न ही यातायात का समुचित प्रबंधन है, जबकि यह हजारों लोगों का एकमात्र संपर्क मार्ग है। ट्रांसपोर्टर और कारोबारी भी स्थिति से आहत हैं। उनका कहना है कि खराब सड़कों के कारण माल ढुलाई में देरी हो रही है, जिससे फल-सब्जियों जैसी जल्दी खराब होने वाली वस्तुएं बर्बाद हो रही हैं और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) और जिला प्रशासन से अपील की है कि वे निर्माण कार्य में तेजी लाएं, सड़क की नियमित देखरेख सुनिश्चित करें और जब तक काम पूरा न हो, तब तक सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए। लोगों की एक स्वर में मांग है कि बुनियादी ढांचे के विकास के नाम पर उनकी सुरक्षा और आजीविका से समझौता न किया जाए।