JAMMU.जम्मू: स्थानीय नेता राणा ने मेंढर और बालाकोट के आपदा प्रभावितों के लिए जल्द से जल्द जमीन अलॉटमेंट करने पर जोर दिया है। राणा ने अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन से कहा कि आपदा पीड़ितों को उनके नए आवास के लिए तुरंत भूमि प्रदान करना प्राथमिकता हो। राणा ने कहा कि आपदा प्रभावित परिवार लंबे समय से अस्थायी आवासों में रह रहे हैं और उन्हें स्थायी घर और सुरक्षा की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि के आवंटन की प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी न हो और सभी संबंधित नियमों के अनुसार काम किया जाए। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि राणा के निर्देशों के बाद भूमि अलॉटमेंट की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए विशेष टीम बनाई गई है। इसमें संबंधित अधिकारियों और योजनाकारों को शामिल किया गया है ताकि पीड़ितों को जल्द से जल्द राहत और पुनर्वास सुविधाएँ मिल सकें।
राणा ने यह भी कहा कि आपदा प्रभावितों के लिए समान्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक सहायता भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कदम समुदाय की सुरक्षा, स्थायी विकास और विश्वास बहाल करने में महत्वपूर्ण होगा। स्थानीय लोग और आपदा पीड़ित परिवारों ने राणा के इस कदम की सराहना की। उनका कहना है कि भूमि अलॉटमेंट में तेजी आने से उनके जीवन में स्थायित्व आएगा और बच्चों की शिक्षा, परिवार की सुरक्षा और रोज़गार की संभावनाएँ बेहतर होंगी। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की पहल आपदा प्रबंधन और पुनर्वास नीति में महत्वपूर्ण योगदान देती है। इसमें प्रशासन और स्थानीय नेताओं का सहयोग पीड़ितों को न्यायसंगत और शीघ्र राहत सुनिश्चित करने में मदद करता है। संक्षेप में, राणा ने मेंढर और बालाकोट के आपदा पीड़ितों के लिए जमीन अलॉटमेंट पर जोर देकर स्थानीय प्रशासन को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यह कदम स्थायी आवास, सुरक्षा और राहत कार्यों में तेजी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके माध्यम से आपदा प्रभावित परिवारों के जीवन में स्थायित्व, सुरक्षा और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है।